गाजीपुर। जनपद के खाद्य एवं पारंपरिक व्यंजन कारोबार से जुड़े उद्यमियों के लिए अच्छी खबर है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र ने ‘एक जनपद एक व्यंजन (ODOP) वित्त पोषण सहायता योजना’ के तहत मिर्च का अचार, मटर चाट, रसगुल्ला और जलेबी से जुड़े उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय को वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/
उपायुक्त उद्योग लोकेन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकान, चयनित उत्पाद बनाने वाली संस्थाएं तथा नए उद्यमी इस योजना के तहत अपना नया व्यवसाय शुरू करने या मौजूदा इकाई का विस्तार करने के लिए वित्त पोषण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से विभागीय पोर्टल पर किए जाएंगे।योजना के तहत आवेदन करने वाले की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। किसी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। आवेदक ने केंद्र या प्रदेश सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ पहले न लिया हो तथा परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। विशेष श्रेणी के आवेदकों को संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।योजना में परियोजना लागत के अनुसार मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान किया गया है। 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर 25 प्रतिशत (अधिकतम 6.25 लाख रुपये), 25 से 50 लाख रुपये तक की परियोजना पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 6.25 लाख रुपये), 50 से 150 लाख रुपये तक की परियोजना पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख रुपये) तथा 150 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 50 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जाएगी।सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांगजन श्रेणी के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी को बैंक ऋण में अनुदान के रूप में समायोजित किया जाएगा।ऑनलाइन आवेदन विभाग के पोर्टल https://msme.up.gov.in� पर किए जा सकते हैं।