नन्दगंज/गाजीपुर। देश के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मौनीदास इंटर कॉलेज, करैला सहेड़ी में विद्यार्थियों की ओर से विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में ग्रामीण परिवेश के बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत कर समाज के लिए उपयोगी विचारों और तकनीकों को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में समाजसेवी पुनीता सिंह खुशबू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ सुजीत साइकिल, सुरेंद्र यादव, निर्मल यादव, रामजी सिंह यादव, मूरत यादव, हरिकेश यादव और राजकुमार यादव सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय करैला और अंकिता यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा देखकर प्रभावित हुईं पुनीता सिंह खुशबू
विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए समाजसेवी पुनीता सिंह खुशबू ने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में भी अपार प्रतिभा और कुछ नया करने की क्षमता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी सोच को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करने तथा अपनी रचनात्मकता को निखारने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए मॉडलों को देखकर उनकी प्रतिभा और मेहनत का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। विद्यालयों में इस तरह की प्रदर्शनियों के आयोजन से विद्यार्थियों में जिज्ञासा बढ़ती है और वे किताबी ज्ञान को व्यावहारिक रूप देने का प्रयास करते हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि मेहनत, लगन और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
मॉडलों के माध्यम से दिखाई अपनी कल्पनाशीलता
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों के माध्यम से बच्चों ने उपयोगी विचारों और दैनिक जीवन से जुड़ी चीजों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण परिवेश में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की इस पहल ने अतिथियों को खासा प्रभावित किया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपने-अपने मॉडलों के बारे में जानकारी दी और अपनी समझ तथा कल्पनाशीलता का परिचय दिया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना, उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाना और उनमें नई चीजें सीखने की रुचि विकसित करना रहा। इस आयोजन ने बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. कलाम की जयंती पर आयोजित इस विज्ञान प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच अपनाने, नए प्रयोग करने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।