गाजीपुर । विकास खण्ड मनिहारी अंतर्गत पीजी कॉलेज मलिकपुरा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के प्रति जन-जागरूकता एवं शैक्षिक संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से पी.जी. कॉलेज मलिकपूरा गाजीपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए महिला सशक्तीकरण की आवश्यकता और समाज में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. सर्वेश पाण्डेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि,नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि समाज में समानता और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में सशक्त रूप से स्थापित करेगा।मनोविज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. पूजा साहू ने अपने विचार रखते हुए कहा कि, महिला सशक्तिकरण केवल अधिकार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक सुदृढ़ता का विकास भी उतना ही आवश्यक है, जिससे महिलाएं अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें।भूगोल विभाग के प्रभारी डॉ. अभिषेक कुमार ने बिहार में पंचायती राज व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि,बिहार वह राज्य है, जहां पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया गया है,read more:https://khabarentertainment.in/constitution-makers-birth-anniversary-celebrated-with-great-enthusiasm-in-sonanchal/जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।वाणिज्य विभाग की डॉ. अंजली यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि,आर्थिक क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ही वास्तविक सशक्तीकरण का आधार है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर सकें।भूगोल विभाग की डॉ. कुंजलता ने कहा कि,समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है, क्योंकि नारी के सशक्त होने से ही परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त बनता है। वाणिज्य संकाय की शोध छात्रा श्रीजल चौरसिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि,महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक कानून बनाए गए हैं, किन्तु यह भी आवश्यक है कि इनका दुरुपयोग न हो और महिलाएं अपने अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करें।कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा मानव श्रृंखला का भी आयोजन किया गया, जिसमें “महिला सम्मान, देश का अभिमान” एवं “नारी सशक्त ,राष्ट्र सशक्त” जैसे नारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय उपस्थिति रही ।