सहारनपुर। राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) के अंतर्गत जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपदभर में मलेरिया की रोकथाम, नियंत्रण और जनजागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सहारनपुर में पिछले चार वर्षों से मलेरिया का कोई भी मरीज नहीं मिला है और इस वर्ष जनपद को मलेरिया मुक्त जनपद घोषित किए जाने की संभावना है।read more:https://pahaltoday.com/strengthen-bhakiyu-tikait-which-is-fighting-the-farmers-battle-strongly-sunil-pradhan/मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर सोमवार को पुराना अस्पताल रिवैम्पिंग सेंटर, नेहरू मार्केट में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, एलएचवी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मलेरिया से बचाव और नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान आशाओं और एएनएम को मलेरिया की जांच स्लाइड तथा रैपिड डायग्नोस्टिक किट के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी शिवोंका गौड़ ने बताया कि 1 जून से 30 जून तक चलने वाले मलेरिया रोधी माह के दौरान स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पंचायतीराज विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नगर क्षेत्र की कॉलोनियों और मोहल्लों में जाकर लोगों को मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का प्रजनन प्रायः रुके हुए पानी में होता है। इसलिए घरों की छतों पर रखे पुराने बर्तन, टायर, गमले, नारियल के खोल, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ऐसे सामान जिनमें पानी जमा हो सकता है, उन्हें नियमित रूप से साफ करना आवश्यक है। बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी ब्लॉकों और गांवों में जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करेंगी और संबंधित विभागों के सहयोग से उन्हें नष्ट कराया जाएगा। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों एवं नर्सिंग छात्रों को भी मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें, पानी जमा न होने दें, रात में मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार आने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराएं। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही मलेरिया मुक्त सहारनपुर का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. अवंतिका शर्मा, मनोज कौशिक, गौरव वर्मा, शिवानी, अंजू तथा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।