बाराबंकी। कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय जिला पोषण समिति एवं कन्वर्जेन्स कमेटी की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को योजना में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों को समय से योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन और पंजीकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/आंगनबाड़ी केंद्रों की भवन स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी जर्जर अथवा असुरक्षित भवन में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन नहीं किया जाएगा। ऐसे केंद्रों के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां गृह भ्रमण कर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को आवश्यक सेवाएं एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। जिलाधिकारी ने सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पात्र बच्चों का ई-कवच एप पर अनिवार्य पंजीकरण कराने को कहा। उन्होंने पोषण सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया। डीएम ने कहा कि बच्चों और माताओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए। बैठक में डीपीओ श्री राकेश कुमार मिश्र, बीएसए, डीएसओ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।