नगर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और स्कूली छात्र-छात्राओं पर हो रहे हमलों को लेकर पहल टुडे द्वारा 23 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित की गई खबर का असर देखने को मिला है। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने और लोगों को राहत दिलाने के लिए कार्रवाई की कवायद शुरू होने से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में राहत की उम्मीद जगी है।गौरतलब है कि 23 जुलाई को पहल टुडे ने “स्कूल से घर लौट रहे छात्र-छात्रा पर आवारा कुत्तों का हमला, बाल-बाल बची जान” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे छात्र कार्तिक और छात्रा हमजा पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। कुत्तों से बचने के लिए दोनों बच्चे जान बचाकर वापस स्कूल की ओर भागे थे।read more:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/बच्चों के शोर मचाने पर अन्य छात्रों और आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह कुत्तों को भगाया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद नगर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से सामने आया। इसके बाद नगर प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के झुंड आए दिन राहगीरों और बच्चों के पीछे दौड़ते हैं। स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चों को सबसे अधिक खतरा बना रहता है। ऐसे में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाए जाने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।अभिभावकों ने पहल टुडे की खबर का संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू किए जाने पर नगर प्रशासन का आभार जताते हुए उम्मीद जताई है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा और भविष्य में बच्चों को इस तरह के हमलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।