उन्नाव। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आईजीआरएस, सीएम डैशबोर्ड, राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, फॉर्मर रजिस्ट्री समेत विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा की। आईजीआरएस में शिकायतों के निस्तारण के बाद फरियादियों की संतुष्टि का स्तर कम पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस की शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों में असंतुष्टि का स्तर बढ़ना गंभीर विषय है, इस पर अधिकारी विशेष ध्यान दें।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों से तहसीलवार धारा 34, 24 और 116 से संबंधित लंबित वादों की जानकारी ली।
read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/साथ ही फॉर्मर रजिस्ट्री के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अभियान चलाकर लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए।आबकारी, वन, खनिज, सिंचाई और लोक निर्माण विभाग की आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि जनपद की रैंकिंग किसी भी स्थिति में नीचे नहीं जानी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सरकारी और गैर सरकारी विभागों की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। वसूली में पिछड़े विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।