एलपीजी उपभोक्ताओं को परेशान किया तो गैस एजेंसी पर होगी कार्रवाई

Share

सोनभद्र। एलपीजी उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और मनमानी अब गैस एजेंसियों पर भारी पड़ेगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने, दुर्व्यवहार करने अथवा निर्धारित सेवाएं समय से उपलब्ध न कराने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायतों की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एलपीजी उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण महज कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि को ही निस्तारण का आधार बनाया जाए। असंतुष्ट फीडबैक मिलने अथवा गलत एवं भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एलपीजी कनेक्शनों के ई-केवाईसी सत्यापन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और जीरो पॉवर्टी 2.0 अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनपद में प्रचलित सभी एलपीजी कनेक्शनों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सत्यापन शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने और इसे सरल बनाने को कहा गया। तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधकों ने बताया कि एक अक्टूबर से उन घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की रिफिल बुकिंग रोक दी जाएगी, जिनका बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं हुआ है। उज्ज्वला योजना के ऐसे लाभार्थी, जिनकी ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें सामान्य रिफिल बुकिंग के लिए ई-केवाईसी पूरा करना जरूरी होगा। ऐसे उपभोक्ताओं को एफटीएल का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। जीरो पॉवर्टी 2.0 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अत्यंत निर्धन और वंचित परिवारों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पात्र परिवारों के पास अभी एलपीजी कनेक्शन नहीं है, उन्हें योजना के तहत निःशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराकर शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने गैस एजेंसियों को उपभोक्ता सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा निर्धारित सेवाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों और गैस एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों को एजेंसियों के कामकाज की नियमित निगरानी कर शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक, अपर जिलाधिकारी वि.रा. वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, तेल कंपनियों के विक्रय प्रबंधक और एलपीजी गैस एजेंसियों के संचालक मौजूद रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *