गाजीपुर जमानियां। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के काजी टोला मोहल्ले में वैवाहिक विवाद का मामला उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब आजमगढ़ निवासी एक विवाहिता अपने ससुराल पहुंचकर इंसाफ की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि उसके शौहर ने पहली पत्नी को तलाक दिए बिना उससे निकाह किया और बाद में दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया।read more:https://pahaltoday.com/initiatives-are-being-taken-to-start-24-hour-medical-services-at-the-old-hospital/जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ निवासी रानी का निकाह करीब एक वर्ष पूर्व काजी टोला निवासी स्वर्गीय नसीम इदरीसी के पुत्र शहजाद अहमद इदरीसी के साथ दोनों पक्षों की मौजूदगी और रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था। पीड़िता का कहना है कि निकाह के समय दहेज को लेकर कोई मांग नहीं रखी गई थी, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया। उसे कम दहेज लाने का ताना दिया जाने लगा और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। रानी ने आरोप लगाया कि जब उसके मायके पक्ष द्वारा अतिरिक्त मांगें पूरी नहीं की गईं तो उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़िता ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि उसका शौहर पहले से शादीशुदा है और पहली पत्नी को कानूनी रूप से तलाक दिए बिना ही उससे निकाह कर लिया गया। आरोप है कि इस तथ्य को उससे छिपाकर धोखे में रखा गया। रविवार की दोपहर पीड़िता अपने ससुराल पहुंची और दरवाजे पर बैठकर न्याय की गुहार लगाने लगी। इस दौरान ससुराल पक्ष ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। घंटों इंतजार और बातचीत की कोई पहल न होने पर देर शाम पीड़िता ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस महिला और ससुराल पक्ष के एक सदस्य को कोतवाली ले गई, जहां दोनों पक्षों से पूछताछ की गई। रोते हुए पीड़िता ने कहा कि “मेरी इज्जत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है। मुझे न्याय चाहिए। मैं शादीशुदा हूं, अब आखिर कहां जाऊं।” उसने कहा कि वह अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ती रहेगी। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक राम सजन नागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।