सोनभद्र। जनपद का स्वास्थ्य विभाग इन दिनों कथित भ्रष्टाचार और संरक्षण के गंभीर आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में है। निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों के संचालन में नियम-कानूनों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। कार्रवाई के नाम पर चुनिंदा संचालकों को ही निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डा. गुलाब शंकर यादव की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाकर पूरे महकमे में खलबली मचा दी है।
पूर्व जिलाध्यक्ष का आरोप है कि जनपद में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई का कथित तौर पर एक अलग ही पैमाना बना हुआ है। आरोप है कि जो संचालक नोडल अधिकारी को हर महीने कथित तौर पर तय सुविधा शुल्क नहीं देते, उनके प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का डंडा चल जाता है, जबकि कथित सुविधा शुल्क पहुंचाने वाले संचालकों को मानकों की धज्जियां उड़ाने के बावजूद संरक्षण मिलता रहता है।
read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/यदि ये आरोप सही हैं तो स्वास्थ्य विभाग में नियमों से ज्यादा कथित लेन-देन का दबदबा होने का गंभीर मामला है। डॉ. धर्मवीर तिवारी ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है। उन्होंने नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर यादव की कार्यप्रणाली, निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों के पंजीकरण, निरीक्षण, नोटिस तथा कार्रवाई के अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने नोडल अधिकारी की कथित आय से अधिक संपत्ति की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नोडल अधिकारी की संपत्ति और आय के श्रोतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई चैंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उधर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर नोडल अधिकारी डा. गुलाब शंकर यादव से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।