शेरकोट। नगर के मोहल्ला समनासराय स्थित शिव मंदिर में चल रही रामलीला में शुक्रवार रात भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई भरत के मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया। दोनों भाइयों के बीच अटूट प्रेम, त्याग, समर्पण और सम्मान के प्रसंग को कलाकारों ने अपने सजीव अभिनय से इस तरह प्रस्तुत किया कि रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालु भावुक हो उठे। मंचन के दौरान श्रीराम और भरत के मिलन के दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।राम-भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि सच्चे रिश्तों की पहचान प्रेम, विश्वास, त्याग और एक-दूसरे के प्रति सम्मान से होती है।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ भगवान श्रीराम और भरत का चरित्र आज भी समाज को पारिवारिक एकता, भाईचारे और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी योगेंद्र रस्तोगी ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम-भरत मिलाप केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन में रिश्तों की अहमियत समझाने वाला प्रेरणादायक उदाहरण है। भगवान श्रीराम और भरत ने अपने आचरण से सिखाया कि परिवार में प्रेम, त्याग और सम्मान की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। रामलीला के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है। रामलीला के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। धार्मिक प्रसंगों के मंचन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन रणजीत सिंह दारा ने किया।
इस अवसर पर हितेश रस्तोगी, सुरेश पाल, मोनू त्यागी, करन सिंह, पदम चौहान और रिंकू चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।