सोनभद्र। प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में चिंतावनपुर-खुज्झा संडी क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी जमीन बचाने की आवाज बुलंद की। सैकड़ों की संख्या में जुटे किसानों ने परियोजना का विरोध करते हुए सरकार और प्रशासन पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।प्रदर्शन में गुप्त काशी के नायक एवं पर्यावरण प्रहरी रवि प्रकाश चैबे भी पहुंचे और किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है और इसका लाभ आम किसानों के बजाय बड़ी कंपनियों को मिलेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि संगठन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा है।
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जल, जंगल, जमीन, आदिवासी समुदाय और किसानों के अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं से उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होने के साथ पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। किसान विमलेश पटेल ने कहा, जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। जमीन हमारे लिए मां के समान है। गुलाब ओझा ने आरोप लगाया कि किसानों की आपत्तियों के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। नीरज पटेल ने कहा कि कृषि भूमि ही ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, इसलिए उस पर किसी भी कीमत पर परियोजना स्वीकार नहीं की जाएगी। जनार्दन शुक्ला ने कहा कि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। चेतन ओझा ने आरोप लगाया कि औद्योगिक विकास के नाम पर ग्रामीणों को उनकी जमीन से बेदखल कर मजदूर बनाने की योजना है। सुरेंद्र मौर्य ने कहा कि किसी भी सूरत में सड़क नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि पहले आरपीके रोड का निर्माण कराया जाए।