बाराबंकी। रिश्ते हमेशा खून के नहीं होते, कुछ रिश्ते विचारों, संघर्षों और वर्षों के साथ से भी बनते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कद्दावर समाजवादी नेता स्व. बेनी प्रसाद वर्मा और मोहम्मद सबाह का रिश्ता भी ऐसा ही था, जिसमें राजनीतिक संबंधों से कहीं अधिक अपनापन और विश्वास की गहराई थी। बेनी बाबू के लंबे राजनीतिक सफर में सबाह उनके बेहद करीबी सहयोगियों और विश्वासपात्रों में रहे।
इन दिनों मोहम्मद सबाह कैंसर से जूझ रहे हैं और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उपचार चल रहा है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने स्व. बेनी प्रसाद वर्मा की पौत्री श्रेया वर्मा और बहू व पुत्र राकेश वर्मा की पत्नी सुधा वर्मा अस्पताल पहुंचीं। दोनों ने सबाह से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल में बीमारी की गंभीर अवस्था में सबाह को देखकर श्रेया वर्मा भावुक हो उठीं। यह भावुकता महज एक बीमार व्यक्ति को देखकर उपजी संवेदना नहीं थी, बल्कि उस आत्मीय रिश्ते की झलक थी, जो वर्षों से बेनी बाबू के परिवार और मोहम्मद सबाह के बीच कायम रहा है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/अस्पताल में हुई यह मुलाकात कई पुरानी यादों को भी जैसे जीवंत कर गई। एक ओर बीमारी से जूझते बेनी बाबू के पुराने साथी मोहम्मद सबाह थे, तो दूसरी ओर उनके उस साथी के प्रति चिंता और भावुकता से भरी बेनी बाबू की अगली पीढ़ी। श्रेया वर्मा की आंखों में छलकती भावनाएं इस बात की गवाही दे रही थीं कि कुछ रिश्ते राजनीति की सीमाओं से कहीं आगे होते हैं। मो. सबाह के लिए बेनी बाबू केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि उनके जीवन और संघर्ष के महत्वपूर्ण हिस्से रहे। बेनी बाबू के साथ लंबे समय तक प्रतिनिधि के रूप में जुड़े रहे मोहम्मद सबाह ने उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन के कई दौर करीब से देखे। दोनों के बीच का विश्वास और आत्मीयता समय के साथ और मजबूत होती गई। यही कारण है कि आज जब सबाह कठिन बीमारी से जूझ रहे हैं, तो बेनी बाबू के परिवार का उनसे मिलने पहुंचना उस पुराने रिश्ते की गर्माहट को फिर सामने ले आया। मुलाकात के दौरान श्रेया वर्मा ने सबाह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मुलाकात में राजनीति पीछे थी और रिश्तों की संवेदना आगे-एक ऐसा रिश्ता, जिसे समय और परिस्थितियां भी कमजोर नहीं कर सकीं।