बिजनौर और मुरादाबाद जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में आदमखोर हो चुके गुलदार का खौफ चरम पर है। बीते तीन महीनों (11 जून से 11 सितंबर 2026) के दौरान दोनों जिलों में गुलदार के हमलों में 7 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में बिजनौर के 3 मासूम बच्चे तथा मुरादाबाद की 3 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा मुरादाबाद क्षेत्र में 11 ग्रामीणों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। खेतों में काम करने से लेकर घरों के आंगन तक गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों से दोनों जनपदों के सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
बिजनौर: घर के आंगन और रास्तों से मासूमों को खींच ले गया गुलदार
3 अगस्त: नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सिगनीवाला में परिवार के साथ लौट रहे 8-10 वर्षीय रवि को गुलदार झपटकर गन्ने के खेत में खींच ले गया, जहां उसकी मौत हो गई।20 अगस्त: नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम खुशहालपुर मड़का से लापता हुए 6-7 वर्षीय अनिकेत उर्फ कालू का शव तलाश के बाद गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिला।22 अगस्त: नहटौर क्षेत्र के ग्राम मुस्सेपुर पाली में बेहद दर्दनाक घटना घटी, जहां रात के समय चारपाई पर सो रहे 2 वर्षीय मासूम रोहित उर्फ मोहित को गुलदार उठा ले गया। सुबह मासूम का शव घर से 200 मीटर दूर खेत में बरामद हुआ।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
मुरादाबाद: ठाकुरद्वारा का बहापुर बलिया बना गुलदार का मुख्य केंद्र
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा रेंज में गुलदार के हमलों में चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें तीन घटनाएं अकेले एक ही गांव ‘बहापुर बलिया’ की हैं:3 अगस्त: लालापुर पीपलसाना गांव में खेत में काम कर रही 45 वर्षीय संतोष देवी पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
18 अगस्त: बहापुर बलिया निवासी 55 वर्षीय ब्रह्मो देवी जब मवेशियों के लिए चारा लेने खेत में गई थीं, तब गुलदार ने उन पर हमला कर दिया।25 अगस्त: बहापुर बलिया में ही गन्ने के खेत में 45 वर्षीय मिथिलेश देवी गुलदार के हमले का शिकार बनीं।29 अगस्त: इसी गांव के 35 वर्षीय जगराज सिंह सैनी को गुलदार रात के समय घर के आंगन से उठा ले गया। अगली सुबह उनका शव खेत से बरामद हुआ।इसके अलावा सितंबर के पहले सप्ताह में भी इसी क्षेत्र में एक महिला पर गुलदार ने झपट्टा मारा, जिसे ग्रामीणों ने शोर मचाकर बमुश्किल बचाया।
तीन माह में हुई मौतों का विवरण, (11 जून से 11 सितंबर 2026) तक
मृतक
1-3 अगस्त को संतोष देवी 45 वर्ष
लालापुर पीपलसाना, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद खेत में गुलदार का हमला
2- 3 अगस्त रवि 8-10 वर्ष
सिगनीवाला, नगीना देहात, बिजनौर
गुलदार बच्चे को खींचकर ले गया
3- 18 अगस्त ब्रह्मो देवी 55 वर्ष
बहापुर बलिया, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद
चारा लेने गई महिला पर हमला
4- 20 अगस्त अनिकेत उर्फ कालू
6-7 वर्ष खुशहालपुर मड़का, नजीबाबाद, बिजनौर गन्ने के खेत में अवशेष मिले,
5- 22 अगस्त रोहित उर्फ मोहित
2 वर्ष मुस्सेपुर पाली, नहटौर, बिजनौर
घर में सोते समय गुलदार उठा ले गया,
6- 25 अगस्त मिथिलेश देवी
45 वर्ष बहापुर बलिया, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद गन्ने के खेत में हमला,
7- 29 अगस्त जगराज सिंह सैनी
35 वर्ष बहापुर बलिया, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद घर के आंगन में सोते समय उठा ले गया।
वन विभाग की कार्रवाई: कांबिंग, पिंजरे और ड्रोन से निगरानी
लगातार हो रही मौतों के बाद वन विभाग ने दोनों जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में कांबिंग तेज कर दी है। संभावित रास्तों और गन्ने के खेतों के पास पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही घने गन्ने के खेतों में गुलदार की लोकेशन ट्रैक करने के लिए ड्रोन कैमरों से सघन निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों की तरफ न जाएं और रात में घरों के मुख्य दरवाजों को बंद रखें।
हीमपुर दीपा मामला: जांच में गुलदार नहीं, हत्या का निकला मामला
जुलाई माह में बिजनौर के हीमपुर दीपा क्षेत्र में एक महिला की मौत को शुरुआत में गुलदार का हमला माना गया था। हालांकि, विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मृतका के बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसी कारण इस घटना को वन्यजीव हमले के आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है।