सोनभद्र। जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच देने के लिए इस वर्ष करमा महोत्सव को भव्य स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गौड़ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें महोत्सव की तैयारियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आयोजन को सोनभद्र की सांस्कृतिक पहचान बनाने पर जोर दिया गया। read more:https://pahaltoday.com/the-houses-of-people-living-on-government-land-were-demolished/
राज्यमंत्री संजीव गौड़ ने कहा कि करमा महोत्सव का आयोजन भव्य, गरिमापूर्ण और भावपूर्ण तरीके से किया जाए। सोनभद्र की जनजातीय संस्कृति अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। महोत्सव के माध्यम से यहां की लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि करमा महोत्सव का शुभारंभ चोपन ब्लॉक के कोटा गांव से होगा। इसमें प्रशासन के साथ महोत्सव से जुड़े कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहेगी। जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक स्वरूप को कार्यक्रम में प्रमुखता दी जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि महोत्सव को व्यापक पहचान दिलाने के लिए विस्तृत रूपरेखा और प्रभावी प्रचार-प्रसार की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सोनभद्र की लोक एवं जनजातीय संस्कृति को बेहतर ढंग से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए सभी गतिविधियों को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। तैयारियों में किसी भी स्तर पर कमी न रहे और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं। बैठक में अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, क्षेत्रीय मंत्री रामसुंदर निषाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला पंचायत राज अधिकारी नामिता शरण, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।