बाराबंकी। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को खेलों के महत्व के साथ-साथ उनके अधिकारों, कर्तव्यों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने की। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना विकसित करते हैं, जो जीवन की सफलता के लिए आवश्यक हैं।
read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/ शिविर के दौरान विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, बाल अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह, बाल श्रम, साइबर अपराध और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें जागरूक नागरिक बनने और किसी भी प्रकार की समस्या अथवा उत्पीड़न की स्थिति में विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए। उन्होंने कानून की जानकारी को जीवन में सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार बताया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राधेश्याम, सोशल एक्टिविस्ट प्रदीप सारंग, पीईटी शिक्षक, पीएलवीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के अंत में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर, जागरूक मन और विधिक जानकारी से ही एक सशक्त, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक का निर्माण संभव है।