नई दिल्ली । देशभर के अधिवक्ताओं और उनके आश्रित परिवारजनों को समान चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है। लॉयर्स फेडरेशन ने भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजकर अधिवक्ताओं के लिए ‘नेशनल एडवोकेट्स मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम (NAMIS)’ लागू किए जाने की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को बेहतर एवं समान स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।लॉयर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राजीव अग्निहोत्री ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। वे संविधान, विधि के शासन और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देशभर के अधिवक्ताओं को अपने पेशे के सिलसिले में विभिन्न राज्यों के न्यायालयों, अधिकरणों और अन्य न्यायिक मंचों पर जाना पड़ता है। ऐसे में उनकी चिकित्सा सुरक्षा भी पूरे देश में एक समान आधार पर सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों, बार काउंसिलों और बार एसोसिएशनों के स्तर पर अधिवक्ताओं को मिलने वाली चिकित्सा एवं कल्याणकारी सुविधाओं में काफी अंतर है। गंभीर बीमारी, दुर्घटना, हृदय रोग, कैंसर, बड़ी सर्जरी या लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में उपचार का खर्च अधिवक्ता के परिवार की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ सकता है।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/
अधिवक्ताओं और आश्रित परिवारों के लिए लागू हो एक समान राष्ट्रीय चिकित्सा बीमा योजना : लॉयर्स फेडरेशन
आश्रित परिवारजनों को भी मिले बीमा सुरक्षा
फेडरेशन ने केंद्र सरकार से बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राज्य बार काउंसिलों और संबंधित संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श कर देशभर के पात्र अधिवक्ताओं के लिए एक समान चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।प्रस्तावित NAMIS के तहत अधिवक्ताओं के साथ उनके पात्र आश्रित परिवारजनों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इसमें पति या पत्नी, आश्रित बच्चों तथा आश्रित माता-पिता को शामिल किए जाने की मांग की गई है।
देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा की मांग
लॉयर्स फेडरेशन ने योजना के तहत पूरे देश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। फेडरेशन के अनुसार किसी भी राज्य में पंजीकृत अधिवक्ता को दूसरे राज्य में उपचार कराने की स्थिति में बीमा सुविधा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए देशभर के प्रमुख अस्पतालों को योजना से जोड़कर व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाना चाहिए।राजीव अग्निहोत्री ने कहा, “जो अधिवक्ता जीवनभर दूसरों के अधिकारों और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष करता है, उसके और उसके परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा भी राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए।”फेडरेशन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि प्रस्तावित योजना को महज एक बीमा योजना के तौर पर नहीं, बल्कि देश के अधिवक्ताओं के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जाए।