साझा संस्कृति ही भारत की असली ताकत: अरविन्द सिंह गोप

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बाराबंकी। गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गांधी भवन में रविवार को आयोजित ‘साझा संस्कृति-साझा विरासत’ कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन एक मंच पर जुटे। वक्ताओं ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता, सहिष्णुता और साझा सांस्कृतिक विरासत में निहित है, जिसे हर हाल में संरक्षित और सशक्त बनाए रखने की जरूरत है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने कहा कि देश की पहचान उसकी गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी भाईचारे से है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती वैचारिक दूरियों को संवाद और सामाजिक समरसता के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से देश की साझी विरासत को समझने और उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवा शरीफ वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष हाजी वासिक वारसी ने कहा कि देवा शरीफ और महादेवा की धरती सदियों से प्रेम, इंसानियत और भाईचारे का संदेश देती रही है। यही परंपरा बाराबंकी की असली पहचान है।read more:https://pahaltoday.com/manveer-singh-arrested-near-nepal-border-sent-to-punjab-under-tight-security/ उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक सद्भाव ही मजबूत समाज की आधारशिला है। गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट के संस्थापक एवं वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी का सपना ऐसा भारत था, जहां सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के लोग समान सम्मान और अधिकार के साथ जीवन यापन करें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में गांधी के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमीर हैदर तथा प्रख्यात शायर अंजुम बाराबंकवी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि समाज में प्रेम, संवाद और सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देकर ही देश की साझा विरासत को सुरक्षित रखा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान गांधीवादी विचारधारा, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि समाज में भाईचारा, सद्भाव और आपसी सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर हाजी वारिस अली शाह मजार ट्रस्ट के नामित ट्रस्टी वकास वारसी, मुबश्शिर अहमद, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, कौशल किशोर त्रिपाठी, हुमायूं नईम खान, विजय कुमार सिंह ‘मुन्ना’, पूर्व विधायक सरवर अली खान, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, वरिष्ठ सपा नेता प्रमोद बाजपेयी, सभासद शिवा शर्मा, फजल इनाम मदनी, अक्षत शुक्ला, उमेर किदवई, मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, शिवशंकर शुक्ला, अख्तर सिद्दीकी, अनवर महबूब किदवई, नय्यर जमाल किदवई, उबेद उल्ला किदवई, फरहत उल्ला किदवई, शऊर कामिल किदवई, पूर्व आईपीएस मोहम्मद अली साहिल, अशोक शुक्ला, अजय वर्मा ‘अज्जी’, ताज बाबा राइन, कासिम सभासद, कय्यूम प्रधान, अब्दुल रहमान लल्लू, हशमत अली गुड्डू, विनय कुमार सिंह, फारूख अयूब एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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