गाजियाबाद। उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संचालित की गयी है, जिसके अन्तर्गत गाजियाबाद जिले के पारम्परिक कारीगर बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची एवं धोबी के आजिवीका साधनों के सुदृढीकरण करते हुए उनके जीवन स्तर को उच्च किया जायेगा। योजनान्तर्गत कारीगरों को कौशल वृद्धि हेतु 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षणोपरांत टूलकिट का वितरण प्रशिक्षार्थियों को किया जायेगा। इच्छुक लाभार्थी ऑन लाइन msme.up.gov.in वेबसाईट पर किया जा सकता है।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/
पात्रता की शर्ते निम्नवत् हैः-
1- आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
2- आवेदक उ०प्र० का मूल निवासी होना चाहिए।
3- शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नही है।
4- पिछले 02 वर्षों में आवेदक ने केन्द्र सरकार या राज्य सरकार से टूलकिट के सम्बंध में कोई लाभ प्राप्त नही किया हों।
5- योजना के अनुसार या उसके परिवार का कोई भी सदस्य केवल एक बार ही योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होगा। परिवार का अर्थ पति एवं पत्नी से है।
6- योजना के तहत पात्रता मानदण्डों को पूरा करने के लिए एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाना है।
योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु ऐसी व्यक्ति भी पात्र होगें जो परम्परागत जाति से भिन्न हों। ऐसे आवेदकों को परम्परागत कारीगरी से जुड़े होने के प्रमाण के रूप में ग्राम प्रधान, अध्यक्ष नगर पंचायत अथवा नगर पालिका / नगर निगम से सम्बंधित वार्ड के सदस्य द्वारा निर्गत किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उक्त योजना की विरूतृत जानकारी प्राप्त करने हेतु कार्यालय जिला उद्योग केन्द्र ए-1 मेरठ रोड औ०क्षे० गाजियाबाद में आकर किसी भी कार्यदिवस में सम्पर्क स्थापित किया जा सकता है।