लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि स्वदेशी केवल एक आर्थिक नीति नहीं बल्कि जीवन का एक आवश्यक संस्कार है। यह भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय हित से जुड़ा हुआ विचार है। स्थानीय उत्पादों का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है और समाज को स्वावलंबी करता है। यह हमारी पारंपरिक धरोहर और स्वदेशी मूल्यों के प्रति निष्ठा का प्रतीक है। स्वदेशी आधारित आत्मनिर्भर भारत अभियान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। रक्षा क्षेत्र से लेकर स्थानीय उत्पाद तक में स्वदेशी के विचार को प्रोत्साहन दिया गया। सरकार ने अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। इसके साथ ही समाज को भी स्वदेशी के प्रति जागरूक किया गया। उत्तर प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद योजना में भी स्वदेशी का ही संकल्प रहा है। हथकरघा दिवस पर आयोजित समारोह में भी इसके दृष्टिगत संकल्प दिखाई दिया। राष्ट्रीय आंदोलन में स्वदेशी भी ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देना का अभियान बन गया था। 07 अगस्त, 1905 को ही स्वदेशी का संकल्प लिया गया था। यह राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में आज भी प्रासंगिक है। प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के ढाई लाख परिवारों के पंद्रह लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/ पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या लगभग तीस लाख हो जाती है। चालीस हजार बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से एक सौ नौ करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है।भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है। इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता मिलेगी। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथ है।वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है।लखनऊ तथा हरदोई के बीच एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है।प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में छियानवे लाख एमएसएमई इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है।प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है।उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।