बहराइच। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गोंडा स्थित महाराजा सुहेलदेव सभागार में देवीपाटन मंडल की पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत करीब 18.35 करोड़ रुपये की 16 परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जनपद की योजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरी हों। एक करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक और 1.5 करोड़ तक की योजनाओं को छह माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय भी सुनिश्चित किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/बैठक में गोंडा के मां नदना देवी मंदिर, जंबूद्वीप, कपिल मुनि आश्रम और चारों धाम सहित प्रमुख स्थलों के विकास पर जोर दिया गया। स्वामीनारायण छपिया धाम में 22.18 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाएं और फसाड लाइटिंग विकसित की जा रही है। बहराइच में प्रज्ञा शिव शक्ति मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास प्रस्तावों की समीक्षा हुई।इसके अलावा गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण, तथा शिवालयों के संरक्षण व पुनर्विकास पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश को अग्रणी पर्यटन राज्य बनाया जा सके।