सोनभद्र। ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति के लिए जारी की गई ई-निविदाओं के प्रकाशन में शासनादेश को दरकिनार करते हुए घोर अनियमितता बरती गई है। अपने चहेते ठेकेदारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से तमाम सचिवों द्वारा ग्राम पंचायतों के निविदाओं का ऐसे समाचार पत्रों में प्रकाशन करा दिया गया है, जिनकी प्रतियां जिले में सामान्यतः उपलब्ध भी नहीं होतीं। विड़ंबना यह है कि शासनादेश के विपरीत प्रकाशित करायी गई ई-विविदा मामले में कार्रवाई करने के बजाए संबंधित विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। जिला सूचना विभाग के अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह भी इस सवाल पर गोल-मटोल जवाब देते हुए अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास करते नजर आए।भाजपा के कद्दावर नेता/पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी ने शासनादेश के विपरीत प्रकाशित करायी गई समस्त निविदाओं को तत्काल निरस्त करते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग किया है। चेतावनी दी है कि इस प्रकरण में यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वे सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक इस भ्रष्टाचार को पहुंचाएंगे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी ने कहा कि पूरे जनपद के ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति के लिए प्रकाशित करायी गई ई-निविदाओं में सचिव द्वारा घोर अनियमितता बरती गई है। भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रही भाजपा सरकार को बदनाम करने व अपने चहेते ठेकेदारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचाने की नीयत से तमाम सचिवों द्वारा ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति के लिए ई-निविदाओं का प्रकाशन ऐसे समाचार पत्रों में करा दिया गया है, जो समाचार पत्र कभी भी जनपद में दिखाई तक नहीं देते। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी चाल के तहत सचिवों द्वारा अपने चहेते ठेकेदारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचाने व सरकारी धन का बंदरबांट किए जाने की नीयत से ऐसा कृत्य किया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के चोपन, म्योरपुर व दुद्धी विकास खंड के ग्राम पंचायत जुगैल, परसोई, नधीरा, कुलडोमरी समेत तमाम ग्राम पंचायतों में ई-निविदा के तहत नियुक्त किए गए ठेकेदार करीब 15 से 20 वर्षो से सामग्री की आपूर्ति कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/cmo-saved-the-lives-of-passengers-injured-in-a-road-accident/ भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि ई-निविदा प्रकाशन की उच्च स्तरीय जांच करा दी जाए तो बहुचर्चित मनरेगा घोटाला की तरह एक बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति के लिए शासनादेश के विपरीत प्रकाशित करायी गई ई-निविदाओं को तत्काल निरस्त करते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। उधर नियम-विरूद्ध प्रकाशित करायी गई ई-निविदा के सवाल पर रावटर््सगंज व कोन ब्लाक के एडीओ पंचायत ने रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
चालक बना अधिकारी, डीपीआरओ का उठा रहा काल
ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति के लिए शासनादेश के विपरीत प्रकाशित करायी गई ई-निविदा प्रकरण को लेकर डीपीआरओ नमिता शरण के सेलफोन पर काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल में डीपीआरओ ने काल रीसिव नहीं किया। बाद डीपीआरओ के वाहन चालक ने काल कर जानकारी दी कि आप शाम सात बजे के बाद वार्ता करें।