जो व्यक्ति अपने श्मैंश् भाव को समाप्त कर देता है, वह शिव को सबसे प्रिय होता है

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गंगोह। शिव महापुराण कथा के आठवें दिन कथा वाचक ने शिव प्राप्ति का मार्ग बताया। कथा से पूर्व मंदिर परिसर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन संपन्न हुआ। मोहल्ला महलतला के गीता भवन चलती देवी मंदिर में कथावाचक पंडित अवनीश वशिष्ठ, मोहल्ला कानून गोयान आर्य कन्या इंटर कालेज स्थित महादेव शिव मंदिर में कथावाचक सुधीर शर्मा व पंचायती दुर्गा झागड़ा मंदिर में कथावाचक पंकज सेमवाल ने कहा कि पंडित शास्त्री ने कहा कि शिव को वह व्यक्ति सबसे प्रिय होता है जो जीवित रहते हुए शरीर के भाव को जलाकर भस्म कर देता है।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteउन्होंने समझाया कि जब तक हम अपने को केवल शरीर मानेंगे, तब तक काम, क्रोध, मोह और लोभ का प्रभाव बना रहेगा। कथावाचक ने शिव जी के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने श्मैंश् भाव को समाप्त कर देता है, वह शिव को सबसे प्रिय होता है। कथा आरंभ होने से पूर्व कथा व्यास का स्वागत कर तथा माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया। कथा से पूर्व मंदिर परिसर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन संपन्न हुआ। मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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