उपमहानिरीक्षक कारागार ने जिला जेल का किया निरीक्षण

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सोनभद्र। कारागार महानिदेशक पी.सी. मीना के निर्देश पर उपमहानिरीक्षक कारागार (मुख्यालय) रामधनी ने शनिवार को गुरमा स्थित जिला कारागार का करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।निरीक्षण के दौरान उपमहानिरीक्षक ने कारागार परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, मुख्य प्राचीर की स्थिति तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बैरक, पुरुष बैरक, किशोर बैरक, चिकित्सालय और पाकशाला का भी अवलोकन किया। पाकशाला में बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई तथा बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण के बाद उपमहानिरीक्षक ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि संवेदनशील बंदियों पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा कारागार में सुरक्षा एवं अनुशासन की व्यवस्था लगातार सुदृढ़ बनाए रखी जाए। इस दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र ने कारागार की समस्याओं एवं उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। निरीक्षण के दौरान जेल चिकित्साधिकारी डॉ. कुमार गौरव, जेलर अरविंद कुमार सिन्हा, उप जेलर शशांक पटेल, गौरव कुमार, गरिमा कुमारी सहित अन्य अधिकारी एवं सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे।read more:https://khabarentertainment.in/509-vidyut-sakhis-in-bijnor-receive-thermal-printers-instant-electricity-bill-receipts-will-now-be-available-at-doorsteps/

जल-जंगल-जमीन बचाने को ग्रामीणों को दिलाई गई शप
सोनभद्र। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में चतरा ब्लॉक के पटना स्थित ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के तहत पौधरोपण एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महादेव के पूजन-अर्चन एवं आशीर्वाद के साथ हुई।मंदिर के महंत सिद्धनाथ चैबे ने कहा कि पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान अब जन-जन का आंदोलन बन चुका है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लेते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि यह आंदोलन केवल पौधे लगाने का नहीं, बल्कि सोनभद्र की सांसों और पर्यावरण को बचाने का अभियान है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आदिवासी परिवारों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदिवासी परिवारों के आश्रय या जल-जंगल-जमीन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पटना गांव के रामाधार चेरो ने कहा कि क्षेत्र के जल, जंगल और जमीन को किसी भी कंपनी के लिए उजड़ने नहीं दिया जाएगा। उनका आरोप था कि पहले से स्थापित उद्योगों में भी स्थानीय आदिवासी युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिला है, इसलिए ग्रामीण अपनी भूमि और संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट हैं। कार्यक्रम में सतेन्द्र सिखर, सिद्धनाथ चैबे, राजेश उरांव, नागेंद्र तिरकी, रामदयाल, दिनेश चेरो, बिंदू खरवार, बैगा जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

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