गाजीपुर। जनपद के महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर आपसी मतभेद से बिखरते परिवारों को जोड़ने की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए तीन दंपतियों के रिश्तों में आई दूरियों को समाप्त करा दिया। प्रभावी काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से तीनों दंपतियों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गुरुवार को आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में पति-पत्नी के विवाद से जुड़े कुल 15 प्रकरणों की सुनवाई की गई। लंबे समय से लंबित चल रहे तीन मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विस्तृत बातचीत कराई गई। काउंसलरों के प्रयासों से बिना किसी दबाव के दोनों पक्ष सहमत हुए और वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने का निर्णय लिया।
बैठक के दौरान चार प्रकरणों में समझौता और आवश्यक कार्रवाई पूर्ण होने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि तीन मामलों में संबंधित पक्षों को विधिक परामर्श देकर प्रकरण का निस्तारण किया गया। शेष मामलों में सहमति न बनने के कारण अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/परिवार परामर्श केंद्र की इस प्रक्रिया में काउंसलर कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, रागिनी चौबे, संध्या और अभिलाषा सहित अन्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस विभाग ने कहा कि परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य टूटते रिश्तों को संवाद और आपसी समझ के माध्यम से बचाना है, ताकि परिवारों में सौहार्द और सामाजिक समरसता बनी रहे।