वाराणसी।भारत का वस्त्र उद्योग अब बिखरी हुई उत्पादन व्यवस्था से निकलकर एकीकृत औद्योगिक मॉडल की ओर बढ़ रहा है, केंद्र सरकार की पीएम मित्र (PM MITRA) योजना इसी बदलाव की आधारशिला बन रही है, केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि यह योजना केवल टेक्सटाइल पार्क बनाने की पहल नहीं, बल्कि किसानों, बुनकरों, उद्योगों और निर्यातकों को एक ही मूल्य श्रृंखला से जोड़कर भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की रणनीति है।read more:https://khabarentertainment.in/prof-dr-rajendra-rajput-receives-guru-shree-2026-award-at-national-level-brings-honour-to-ghazipur/पीआईबी के जिला सूचना अधिकारी भारत भूषण तिवारी के अनुसार, 4,445 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देश के सात राज्यों में विश्वस्तरीय टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं, इन पार्कों में कच्चे रेशे से लेकर तैयार परिधान और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में होगी। इससे उत्पादन लागत घटेगी, लॉजिस्टिक्स आसान होगा और उत्पाद तेजी से वैश्विक बाजार तक पहुंच सकेंगे।केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘5एफ मॉडल’ फार्म, फाइबर, फैक्टरी, फैशन और फॉरेन को आधार बनाकर तैयार की गई यह योजना भारत की पूरी वस्त्र मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी, आधुनिक बुनियादी ढांचे, प्लग-एंड-प्ले फैक्टरी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और बेहतर परिवहन सुविधाओं से उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने बताया कि वारंगल (तेलंगाना) में पहला पीएम मित्र पार्क शुरू हो चुका है, देशभर में अब तक करीब 69,899 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 27,658 करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
मार्गेरिटा ने कहा कि योजना का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के क्षेत्र में दिखाई देगा, प्रत्येक पार्क से करीब तीन लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, सातों पार्क मिलकर 21 लाख से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएंगे, जिनका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मिलेगा।उन्होंने विश्वास जताया कि पीएम मित्र योजना वर्ष 2030 तक भारत को 350 अरब डॉलर के वैश्विक टेक्सटाइल उद्योग के लक्ष्य तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और देश को टिकाऊ, आधुनिक एवं प्रतिस्पर्धी वस्त्र उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाएगी।