गरीबों की आवाज बने स्वर्गीय हुजैफा, इंसाफ और इंसानियत की छोड़ गए मिसाल

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आजमगढ़। विकासखंड मिर्जापुर के सुरही गांव के निवासी स्वर्गीय हुजैफा को क्षेत्र तथा जनपद के लोग आज भी एक कर्मठ, जुझारू और गरीबों के सच्चे हमदर्द समाजसेवी के रूप में याद करते हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, जरूरतमंद, गरीब और बेसहारा लोगों की सेवा तथा उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करने में समर्पित कर दिया था।बताया जाता है कि स्वर्गीय हुजैफा का व्यक्तित्व केवल अपने गांव या क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि सरायमीर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में उनकी एक अलग पहचान थी। किसी भी गरीब, मजलूम या पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय होने की सूचना मिलते ही वे उसकी मदद के लिए सबसे पहले खड़े हो जाते थे। सामाजिक न्याय, इंसाफ और मानवता की भावना उनके जीवन का मूल उद्देश्य थी।सामाजिक कार्यों के साथ-साथ वे राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे और समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे। उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क लगातार बढ़ रहा था। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वे बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के लोगों की सहायता करते थे, जिसके कारण समाज में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था।read more:https://pahaltoday.com/road-development-in-farrukhabad-gains-momentum-comprehensive-review-of-action-plan-for-2026-27/स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वर्गीय हुजैफा ने अनेक जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक और सामाजिक सहायता की तथा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। उनके दरवाजे से कभी कोई जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटता था। यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें एक निडर, ईमानदार और जनहित के लिए समर्पित समाजसेवी के रूप में याद करते हैं। बताया जाता है कि जब उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा था, उसी दौरान सरायमीर में दिनदहाड़े उनकी हत्या कर दी गई। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। उस समय उनके बेटे काफी छोटे थे और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय बीत जाने के बावजूद स्वर्गीय हुजैफा की यादें आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों और उनके शुभचिंतकों का कहना है कि उन्होंने समाज सेवा, इंसानियत और गरीबों की मदद का जो रास्ता दिखाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। लोग मानते हैं कि स्वर्गीय हुजैफा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची समाज सेवा ही इंसान की सबसे बड़ी पहचान होती है।

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