लखनऊः ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति की ओर से सनातन ध्वज वाहिका सपना गोयल की अगुआई में सेक्टर 39 स्थित प्रतिष्ठित हनुमान मंदिर परिसर में शनिवार 27 जून 2026 को वृहद सुंदरकांड पाठ अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर परिसर जय श्री राम और जय वीर हनुमान के जयकारों से गूंज उठा। इसके उपरांत दिव्य और भव्य भंडारा भी वितरित किया गया। “सुंदरकांड महा अभियान भारत वर्ष की बने पहचान” व्यापक अभियान के प्रमुख के रूप में सपना गोयल ने संदेश दिया कि जो कोई भी नियमित रूप से सुंदरकांड का पाठ करता है उसका जीवन भी सुंदर हो जाता है। महाभारत काल में आज की दिल्ली और तब के इन्द्रप्रस्थ के राजा युधिष्ठिर ने यह गांव अपने गुरु द्रोणाचार्य को दिया था। उनके नाम पर ही इसे गुरुग्राम कहा जाने लगा, जो कालांतर में बदलकर गुड़गांव हो गया। ऐसी पावन भूमि को नमन करते हुए सपना गोयल ने “राष्ट्र प्रथम” का संदेश देते हुए स्वदेशी अपनाने का भी संकल्प करवाया। सपना गोयल ने बताया कि उनका एक मात्र लक्ष्य है कि संतों और ऋषियों की पावन भूमि, “भारत” एक बार पुन: “विश्व गुरु” के रूप में प्रतिष्ठित हो। भारत उत्थान के इस महा उद्देश्य की पूर्ति के लिए “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” की ओर से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ के साथ प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शनिवार को नजदीकी मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन, करवाया जा रहा है। बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के उपलक्ष्य में सपना गोयल की अगुआई में पांच हजार से अधिक महिलाओं ने लखनऊ के झूलेलाल घाट पर सामूहिक सुंदरकांड का भव्य अनुष्ठान किया था। इस क्रम में 23 जून 2024 को पावन तीर्थ नैमिषारण्य में भव्य सामूहिक सुंदरकांड महायज्ञ का आयोजन करवाया गया जिसमें पांच हजार महिलाओं को शामिल करवाया गया था।read more:https://pahaltoday.com/the-ceasefire-will-have-global-implications-for-energy-the-economy-and-diplomacy-which-will-be-a-relief-for-the-general-public/ सपना गोयल की अगुआई में बिना किसी सरकारी मदद के रात-दिन की यात्रा करके उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में बड़े स्तर पर सुंदरकांड महायज्ञ सम्पन्न करवाए जा चुके हैं। इस महा तीर्थाटन अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड कोटद्वार के प्राचीन सिद्धबली मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, हर की पौड़ी हरिद्वार, रुड़की महादेव मंदिर, चित्रकूट के पावन तीर्थ परिसर रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर एवं कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर के गंगाजी घाट परिसर में भी भव्य सुंदरकाण्ड का पाठ सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली मंदिर परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक मातृशक्तियों ने सामूहिक सुन्दरकांड का पाठ किया था। बीते साल 11 सितम्बर से अयोध्या तीर्थ में प्रभु राम जी के जन्मभूमि परिसर में भी, मासिक सुंदरकांड पाठ का सिलसिला शुरू हो गया है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 11 हजार महिलाओं का सामूहिक सुंदरकांड का पाठ प्रस्तावित है। सपना गोयल के अनुसार सुंदरकांड महा अभियान उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। दूसरी ओर “सेवा परमो धर्म:” को बीज मंत्र मानते हुए दरिद्र नारायण की सेवा के भाव से जाड़ों में कम्बल वितरण और विभिन्न पावन अवसरों पर भंडारों का आयोजन भी किया जा रहा है।