बिजनौर । महीने भर के अंतराल में देश तथा उत्तर प्रदेश की राजधानी में हुई कोचिंग सेंटर्स में अग्नि दुर्घटनाओं को लेकर जहां एक ओर शासन प्रशासन जांच पड़ताल तथा इंक्वायरी समिति गठित करने में लगा है, वहीं दूसरी ओर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा समाज के अन्य वर्गों में ऐसी हृदय विदारक घटनाओं को लेकर चिंता, शोक एवं आक्रोश व्याप्त है। राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष ग़य्यूर आसिफ़ ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देश की राजधानी मालवीय नगर तथा प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई भीषण अग्नि कांड की घटनाओं पर गहरा दुख प्रकट करते हुए दोनों दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नौजवान बच्चे बच्चियों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। विज्ञप्ति में कहा गया है की दुर्घटना होने के बाद की जाने वाली इंक्वारी, जांच पड़ताल तथा खानापूरी की कार्यवाही से बेहतर है कि शासन प्रशासन बड़े नगरों में संकीर्ण क्षेत्र में स्थापित किए गए ऐसे कोचिंग सेंटर तथा प्रतिष्ठानों पर पहले ही मापदंडों की अनदेखी को गंभीरता से ले ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो। गय्यूर आसिफ ने इन घटनाओं पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा की इन घटनाओं में जान गंवाने वाले नवयुवक एवं युवतियां किसी एक घर का चिराग़ नहीं बल्कि भारत का भविष्य थे।read more:https://pahaltoday.com/the-person-who-complained-about-the-kidney-issue-is-now-being-investigated-for-cyber-fraud/आसिफ ने सभी दिवंगत छात्रों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए शासन से मांग की कि देश भर में संचालित सभी कोचिंग संस्थान की भली-भांति जांच की जाए तथा सुरक्षा उपायों के लिए निर्धारित नियमों के अनुपालन को कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। शिक्षाविद आसिफ ने कहा कि केंद्र सरकार तथा प्रदेश सरकार दोनों ही शिक्षा के प्रचार प्रसार एवं गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए जिस प्रकार प्रयासरत हैं वह न केवल सराहनीय है बल्कि उसके उत्तम प्रणाम दिखाई भी दे रहे हैं। किंतु इसके समानांतर प्राइवेट क्षेत्र के शिक्षा संस्थान कहीं ना कहीं सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं बल्कि सरकारों के द्वारा जारी दिशा निर्देश की अवहेलना भी कर रहे हैं।यही कारण है कि समय-समय पर देश के किसी न किसी कोने से इस प्रकार की दुर्घटनाओं का दुखद समाचार प्राप्त होता रहता है। विज्ञप्ति के माध्यम से शासन से मांग की गई की भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसलिए सभी प्रदेश सरकारों को तथा केंद्र सरकार को कड़े उपाय अपनाने चाहिए।