सहारनपुर। वैश्य एकता मंच, पैरामाउंट ट्यूलिप सहारनपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली रोड स्थित पैरामाउंट ट्यूलिप सोसाइटी में वरिष्ठ समाजसेवी प्रवीण गुप्ता के आवास पर आयोजित की गई। बैठक में आगामी 28 जून को अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित होने वाली दानवीर भामाशाह जयंती तथा अक्टूबर माह में प्रस्तावित महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव की तैयारियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष राजेंद्र भारती ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि दानवीर भामाशाह और महाराजा अग्रसेन भारतीय समाज के ऐसे महान प्रेरणास्रोत हैं, जिनके आदर्श आज भी समाज को एकता, सेवा, सहयोग, त्याग और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं। उनके जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। बैठक में 28 जून को आयोजित होने वाले दानवीर भामाशाह जयंती समारोह को भव्य एवं गरिमामय स्वरूप देने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। अतिथियों के स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, समाज के वरिष्ठजनों के सम्मान तथा अधिक से अधिक समाज बंधुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गईं।read more:https://pahaltoday.com/consumers-booked-for-gas-refill-booking/इसके साथ ही अक्टूबर माह में वैश्य एकता मंच पैरामाउंट ट्यूलिप द्वारा अपनी सोसाइटी परिसर में आयोजित किए जाने वाले महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव की प्रारंभिक तैयारियों पर भी विचार किया गया। बैठक में आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए विभिन्न समितियों के गठन, कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने तथा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने पर सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने के साथ-साथ युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ने का कार्य करते हैं। समाज की एकजुटता और सहभागिता से ही इन आयोजनों को सफल बनाया जा सकता है। बैठक में अश्वनी सिंघल, अनिल गोयल, विजय गुप्ता, रचित गुप्ता, अमन गुप्ता, नवीन सिंघल (सर्राफ), राहुल मित्तल सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने दोनों आयोजनों को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों ने समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया और विश्वास व्यक्त किया कि आगामी दोनों आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक साबित होंगे।