जल, जंगल और जमीन जीवन रक्षा की है आधारशिला: संदीप मिश्र

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सोनभद्र। तरिया क्षेत्र में अपने पारिवारिक जनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार ससनयी स्थित डीह बाबा स्थल पर एकत्र हुए। इस दौरान ग्रामीणों ने जल, जंगल, जमीन तथा पूर्वजों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए अपने अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/सभा को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन, आजीविका और अस्तित्व की रक्षा की मूल आधारशिला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में फर्जी हस्ताक्षर और मोहर के माध्यम से पूर्वजों के वंशजों के अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार की भूमि अथवा आवास पर किसी प्रकार की कार्रवाई की जाती है तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर पेड़ हैं तो प्राण हैं अभियान के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने कहा कि जंगल और पर्यावरण केवल प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और आजीविका का प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ कटान की चर्चाओं को लेकर लोगों में चिंता व्याप्त है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने की अनुमति दी गई है तो संबंधित विभागों को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही वर्षों से किए गए वृक्षारोपण और वन संरक्षण कार्यों का रिकॉर्ड भी आमजन के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति न रहे। सभा में मौजूद वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा आदिवासी परिवारों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यक्रम में बासमती गोंड़, गुलाबी चेरो, रामसूरत खरवार, कन्हैया चेरो, जोगेंद्र यादव, दिनेश चेरो, विंदू खरवार, आकाश चैहान, मुखलाल चेरो, गुलाब चेरो सहित सैकड़ों आदिवासी परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।

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