गाजीपुर। पंचायती राज विभाग के अंतर्गत जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण स्वच्छता, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, बायोगैस प्लांट, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण तथा पंचायत भवनों सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सदर एडीओ पंचायत से स्पष्टीकरण तलब किया गया। बैठक में बताया गया कि जनपद में प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए निदेशालय स्तर से पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित किए जाने का लक्ष्य मिला है। विकास खंड सदर की ग्राम पंचायत रसूलपुर टी शेखपुर में यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं नगसर नेवाजू राय (रेवतीपुर) और कठउत (मुहम्मदाबाद) में निर्माण एवं टेंडर प्रक्रिया को गति देने के लिए 16-16 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट जारी करने की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मरदह विकास खंड की ग्राम पंचायत हरहरि से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फीकल स्लज मैनेजमेंट योजना के तहत जनपद में दो इकाइयों की स्थापना के लिए एक-एक एकड़ भूमि चिन्हित करने हेतु सभी उपजिलाधिकारियों को अर्धशासकीय पत्र भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। समीक्षा के दौरान बाराचवर विकास खंड की ग्राम पंचायत करीमुद्दीनपुर में जल निगम (ग्रामीण) द्वारा निर्मित बायोगैस प्लांट के संचालन एवं हैंडओवर में देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर प्लांट चालू करने की अंतिम चेतावनी दी। बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 15,100 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।read more:https://pahaltoday.com/providing-clean-drinking-water-to-citizens-is-the-responsibility-of-the-nagar-panchayat-ashutosh-tripathi/ जिलाधिकारी ने विकास खंडवार लक्ष्य आवंटित करते हुए सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा फैमिली आईडी, बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। वित्तीय समीक्षा के दौरान 15वें वित्त आयोग के बजट व्यय में भदौरा विकास खंड 80.58 प्रतिशत व्यय के साथ सबसे आगे जबकि करंडा 53.36 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे रहा। वहीं 5वें राज्य वित्त आयोग के बजट व्यय में करंडा 93.20 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर तथा मुहम्मदाबाद 63.76 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे पाया गया। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृत अधिकांश अंत्येष्टि स्थलों एवं बहुद्देशीय पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि वर्ष 2025-26 के कुछ प्रोजेक्ट जैसे सुरहुरपुर और खतीरपुर पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन बखरा, महमूदपुर और चौराबोझ जैसे गांवों में भूमि विवाद के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधिक प्रक्रिया का त्वरित निस्तारण कर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए। बैठक में परियोजना निदेशक महेंद्र प्रताप यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त एडीओ पंचायत, सभी खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।