गाजीपुर। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश के सदस्य सत्यदेव कुमार बारी ‘बीनू जी’ की अध्यक्षता में रविवार को रायफल क्लब सभागार में जनपद के व्यापारी बंधुओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक एवं मीडिया बंधुओं संग प्रेस वार्ता का आयोजन सम्पन्न हुआ। इस दौरान दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याएं भी गंभीरता से सुनी गईं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं को सुनना, उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा व्यापारिक समुदाय और सरकार के बीच संवाद को मजबूत बनाना रहा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न बाजारों, मंडियों, रिटेल एवं थोक व्यापार से जुड़े सैकड़ों व्यापारी, व्यापार मंडल पदाधिकारी, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, महिला उद्यमी तथा युवा व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के सदस्य सत्यदेव कुमार बारी ‘बीनू जी’ ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट उद्देश्य व्यापारियों को सशक्त बनाकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पिछड़ा वर्ग से आने वाले व्यापारी अपनी मेहनत, ईमानदारी और उद्यमिता के बल पर न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/ethanol-powered-vehicles-flex-fuel-with-85-blending-launched/उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन बाधाओं को दूर करने के लिए भी प्रतिबद्ध है, जो पिछड़ा वर्ग के लोगों की प्रगति में अवरोध उत्पन्न करती हैं। उन्होंने व्यापारियों की लोन, लाइसेंस, जीएसटी की जटिलताओं, मंडियों में स्थान आवंटन सहित विभिन्न समस्याओं पर गंभीरता से कार्य करने का भरोसा दिलाया। सत्यदेव कुमार बारी ‘बीनू जी’ ने व्यापारियों से सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP), ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’, ‘मुद्रा योजना’ तथा ‘ओबीसी उद्यमी योजना’ जैसी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आयोग का कार्यालय लखनऊ में प्रत्येक व्यापारी के लिए सदैव खुला है और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आयोग हर स्तर पर सहयोग करेगा। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ओपन माइक सेशन रहा, जिसमें व्यापारियों ने अपनी समस्याएं सीधे आयोग के सदस्य के समक्ष रखीं। कई व्यापारियों ने बाजारों में मूलभूत सुविधाओं, कर व्यवस्था, बिजली, सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं को उठाया, जिस पर आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।