बहराइच ( मिहींपुरवा )। जनपद मुख्यालय से लगभग 110 किलोमीटर दूर स्थित सुजौली, चफरिया, कारीकोट, बड़खड़िया और बिछिया गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर सड़क निर्माण को लेकर फूट पड़ा। हरखापुर–सुजौली सड़क मार्ग के निर्माण में हो रही लगातार देरी के विरोध में ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि विगत मार्च माह में भी उन्होंने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा था। उस दौरान ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए गए थे और अधिकारियों द्वारा जल्द निर्माण शुरू कराने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।read more:https://pahaltoday.com/two-smugglers-arrested-with-20-kg-430-grams-of-ganja/ शनिवार 6 जून को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के तहसील दिवस में आने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पुनः प्रदर्शन के लिए पहुंचे। हालांकि जिलाधिकारी के उपस्थित न होने पर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा और नारेबाजी करते हुए वापस लौट गए। प्रदर्शनकारियों में क्रांति मिश्रा, संदीप मौर्य, कृष्णा पांडे, सुधीर शुक्ला, विशाल पोरवाल, राज किशोर शुक्ला, दानिश अली और अमृतपाल सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे क्रांति मिश्रा ने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीण दोबारा बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं, सड़क निर्माण के संबंध में संबंधित विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका l