गाजीपुर। जनपद में 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आयोजित वृहद स्वास्थ्य सेवा शिविर में 29 विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने 347 जटिल एवं दुर्लभ ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए। महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, पंजाब और कर्नाटक से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा एवं चिकित्सकीय टीम के सहयोग से मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराईं। इन सर्जरी की अनुमानित लागत करीब चार करोड़ रुपये बताई गई है।
यह जानकारी गुरुवार को मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के चिकित्सालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान रोटरी इंडिया के डॉ. राजीव प्रधान, डॉ. गिरीश गुने, अभिनव सिन्हा एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने दी।डॉ. राजीव प्रधान ने बताया कि शिविर के आयोजन को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा से पहले ही विस्तृत वार्ता की गई थी। कई जटिल ऑपरेशनों के लिए विशेष संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में अभिनव सिन्हा के प्रयास से लखनऊ और आगरा से आवश्यक इंस्ट्रूमेंट तत्काल मंगवाए गए, जिसके बाद कई कठिन ऑपरेशन संभव हो सके।उन्होंने बताया कि शिविर में करीब चार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली सर्जरी मरीजों के लिए निःशुल्क की गईं। इनमें ऐसे मरीज भी शामिल रहे, जिन्हें जटिल उपचार के लिए वाराणसी और लखनऊ के अस्पतालों से वापस लौटना पड़ा था। गाजीपुर में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों और अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा सुविधा मिलने से ऐसे मरीजों को बड़ी राहत मिली।
जन्मजात जबड़े की समस्या से लेकर कान के पर्दे तक के ऑपरेशन
डॉ. गिरीश गुने ने बताया कि शिविर में प्लास्टिक सर्जरी, पित्ताशय की थैली, बच्चेदानी, नाक, कान, आंख और अन्य अंगों से संबंधित जटिल ऑपरेशन किए गए। एक 14 वर्षीय बालक के जन्मजात जबड़े की समस्या का भी सफल ऑपरेशन किया गया। इसके अलावा करीब 28 से 30 मरीजों के कान के पर्दे से संबंधित ऑपरेशन किए गए, जिन्हें सामान्य परिस्थितियों में गाजीपुर में कराना कठिन था।उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के गाजीपुर पहुंचने से जनपद के जरूरतमंद मरीजों को अपने ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं मिल सकीं। इससे उन्हें महंगे उपचार के लिए बड़े शहरों में जाने से राहत मिली।अभिनव सिन्हा ने कहा कि रोटरी इंडिया के सहयोग से 29 विशेषज्ञ सर्जनों द्वारा 347 दुर्लभ एवं जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। इनमें कूल्हे सहित अनेक ऐसी शल्य चिकित्सा शामिल हैं, जिनकी अनुमानित लागत करीब चार करोड़ रुपये थी। इन सभी सेवाओं को मरीजों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।उन्होंने कहा कि उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस तरह के सेवा कार्य आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शिविर को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों, सर्जनों, रोटरी इंडिया, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और सेवा कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने शिविर की सफलता पर सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों, सर्जनों, रोटरी इंडिया, आयोजकों तथा मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय एवं सेवा टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग और समर्पण से जनपद में इतने बड़े स्तर पर जटिल शल्य चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन संभव हो सका।