जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद महिला ने तोड़ा दम, परिजनों ने निजी अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

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जमानियां (गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर स्थित सिद्धार्थ नर्सिंग होम एंड पैरामेडिकल कॉलेज में रविवार को प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल को सीज करने तथा जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।read more:https://khabarentertainment.in/asp-shubham-agarwal-reviewed-the-beat-police-personnel-at-the-police-office/जानकारी के अनुसार, विकासखंड क्षेत्र के संबलपुर गांव निवासी अनिल कुमार बिंद अपनी गर्भवती पत्नी वंदना देवी को प्रसव के लिए रविवार सुबह अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ऑपरेशन के जरिए महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। दोनों नवजात सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने के बावजूद समय पर समुचित उपचार नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कहकर मामले को छिपाने का प्रयास किया, जबकि रास्ते में उसकी मौत होने की बात बताई गई। इसको लेकर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया।घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं महिला की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं अस्पताल पहुंच गईं। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल का स्टाफ और चिकित्सक मौके से गायब हो गए।घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा नेत्री संगीता बलवंत भी अस्पताल पहुंचीं और कुछ देर तक स्थिति का जायजा लेने के बाद वापस लौट गईं।कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राम सजन नागर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच की जाएगी।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारण तथा किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि हो सकेगी।

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