नगर में उत्साहपूर्वक मनाया गया ‘उत्तम त्याग धर्म’, जैन मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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 किरतपुर । श्री आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में दशलक्षण पर्व के आठवें दिन ‘उत्तम त्याग धर्म’ अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर जी में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री जी के जलाभिषेक एवं शांतिधारा के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने नित्य पूजन किया और सामूहिक रूप से उत्तम त्याग धर्म की विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
*भीतर की आसक्ति को छोड़ना ही सच्चा त्याग: अनिल जैन*
धर्मसभा को संबोधित करते हुए अनिल जैन ने उत्तम त्याग धर्म की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सच्चा त्याग केवल बाहरी वस्तुओं का नहीं, बल्कि अपने भीतर की आसक्ति और मोह को छोड़ना है।आम बोलचाल में धन का उपयोग चार प्रकार के दानों—*आहार दान,अभय दान,औषध दान और विद्या (शास्त्र) दान—में करना उत्तम त्याग माना जाता है।* जैन धर्म में उत्तम त्याग का वास्तविक अर्थ आत्म-शुद्धि के लिए छोटी-छोटी सांसारिक वस्तुओं का त्याग कर बड़े नियमों को ग्रहण करना है।”
उन्होंने आगे बताया कि दिगंबर जैन मुनिराज अपनी साधना को उच्च शिखर पर ले जाने के लिए न केवल सांसारिक वस्तुओं का, बल्कि शरीर चलाने के लिए जरूरी भोजन में से भी अपनी प्रिय चीजों का त्याग कर देते हैं। मुनिराज अपने पास साधना के लिए केवल पिच्छी, कमंडल और शास्त्र ही रखते हैं और बाकी पूरे संसार का त्याग कर देते हैं। हमें भी उनके जीवन से प्रेरणा लेकर छोटे-छोटे त्याग करते हुए आत्म-शुद्धि की ओर बढ़ना चाहिए और अपनी चंचल धन-लक्ष्मी का उपयोग साधुओं की वैयावृत्ति (सेवा-सहायता) में करना चाहिए।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette
*पूजा में इन श्रद्धालुओं ने लिया धर्म लाभ*
उत्तम त्याग धर्म की इस भव्य पूजा में समाज के अनेक गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने सम्मिलित होकर पुण्य अर्जित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनिल जैन, निश्चल जैन, प्रदीप जैन, संजय जैन, सुनील जैन, नीरज जैन, रोहित जैन, यतेंद्र जैन, कमल जैन, आदि जैन, आयुष जैन, विपिन जैन, अरविंद जैन, अविनाश जैन, आकाश जैन, गौरव जैन उपस्थित रहे।इसके साथ ही महिला मंडल और युवतियों में बबीता जैन, सविता जैन, प्राची जैन, नंदिता जैन, पूर्वी जैन, शशि जैन, मंजू जैन, अंजलि जैन, कुमकुम जैन, शालिनी जैन, रजनी जैन आदि ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामूहिक अर्घ्य समर्पित कर धर्म लाभ उठाया।

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