ढाखू बाबा मठ में दो-दो भंडारे, पुलिस पहरे में चढ़ा प्रसाद, तालाब घोटाले के भी आरोप

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नसीराबाद थानाक्षेत्र के ढाखू बाबा स्थान इन दिनों आस्था से ज्यादा विवादों का केंद्र बना हुआ है। स्वर्गीय महंत छेदीलाल के निधन के बाद मठ और मंदिर की गद्दी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं, और इसी खींचतान के बीच शुक्रवार को विशाल भंडारे का आयोजन भी विवादों की भेंट चढ़ गया।स्वर्गीय महंत छेदीलाल के पुत्र जगदीश शरण ने ढाखू बाबा कुटी पर भव्य भंडारे का आयोजन किया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। लेकिन भंडारे से पहले ही दूसरे पक्ष के महंत लाल कुंदेश ने विरोध खड़ा कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया।बताया जाता है कि थाने में समझौता हुआ कि जगदीश शरण के भंडारे में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी,लेकिन इसके बावजूद लाल कुंदेश ने विरोध स्वरूप अलग से भंडारा आयोजित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के चलते ढाखू बाबा स्थान पर दिनभर गहमागहमी बनी रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में ही दोनों भंडारे संपन्न कराए गए।ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाद नया नहीं है। वर्षों से मठ पर महंत लाल कुंदेश और स्वर्गीय छेदीलाल के बीच वर्चस्व की लड़ाई चली आ रही थी। 27 मार्च को छेदीलाल के निधन के बाद भी विवाद थमा नहीं। यहां तक कि उनके शव के अंतिम संस्कार को लेकर भी विरोध हुआ, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में मंदिर परिसर के पास ही उन्हें दफनाया गया।जगदीश शरण का कहना है कि उन्होंने अपने गुरु से गुरुमंत्र लेकर विधिवत महंत पद ग्रहण किया है और अब मठ-मंदिर की देखरेख कर रहे हैं। वहीं, नसीराबाद थाना अध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

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