रायबरेली के डीह थाना क्षेत्र अंतर्गत टेकारी दांदू गांव में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गड्ढा पटवाने को लेकर हुए विवाद में उप निरीक्षक शिवम जायसवाल, महिला सिपाही चेतना शुक्ला सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगे हैं।पीड़िता स्नेह लता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उनके पति और नाबालिग बेटे को बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, आरोप है कि इस दौरान उनके कान के झुमके जबरन छीन लिए गए और घर में रखा मोबाइल व 15 हजार रुपये भी ले लिए गए। पीड़िता ने यह भी बताया कि उनके नाबालिग बेटे को भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी गई।घटना से आहत स्नेह लता अपने परिवार के साथ रायबरेली पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने रोते हुए मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस अधीक्षक ने परिवार को सांत्वना देते हुए आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। जब न्याय की पहली सीढ़ी ही सवालों के घेरे में आ जाए, तो आम नागरिक आखिर किससे उम्मीद करे जब सुरक्षा देने वाली व्यवस्था पर ही ऐसे सवाल उठने लगे तो केवल व्यवस्था की विश्वसनीयता को चुनौती देते ही नहीं बल्कि पीड़ितों के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाते हैं। अब देखना यह है कि क्या पुलिस उच्चस्तरीय जांच कराएगी जिससे साफ हो कि पीड़ित ने जो आरोप लगाए है क्या सच है तो परिवार को कब और कितना न्याय मिल पाता है।