कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी किया है। यह व्यवस्था 29ध्30 जुलाई की मध्यरात्रि से 11 अगस्त 2026 तक दो चरणों में लागू रहेगी। इस दौरान भारी, मध्यम और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं, जबकि कांवड़ मार्ग पर आम वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस प्रशासन ने जनपद में तीन प्रमुख कांवड़ मार्ग निर्धारित किए हैं। पहला मार्ग काली नदी पुल से गागलहेड़ी, देहरादून चौक, घंटाघर, सरसावा होते हुए यमुनानगर तक जाएगा। दूसरा मार्ग छुटमलपुर, मुजफ्फराबाद, बेहट और हथनीकुंड होते हुए यमुनानगर तक रहेगा। तीसरा मार्ग देवबंद, नानौता, तीतरों और गंगोह से करनाल एवं शामली की ओर जाएगा।readmore:https://khabarentertainment.in/relief-rain-falls-from-the-sky-in-bhadohi-the-carpet-city/
दो चरणों में लागू होगा डायवर्जन………
पहला चरण 29/30 जुलाई से 4/5 अगस्त तक रहेगा। इस अवधि में भारी और मध्यम वाहन केवल रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक निर्धारित मार्गों से शहर में प्रवेश कर सकेंगे। हल्के वाहनों को कांवड़ मार्ग के एक हिस्से से नियंत्रित तरीके से गुजरने की अनुमति होगी। दूसरा चरण 5 अगस्त से 11 अगस्त तक लागू रहेगा। इस दौरान शहर में भारी और मध्यम वाहनों का प्रवेश लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक वस्तुओं और फल-सब्जी की आपूर्ति करने वाले वाहनों को निर्धारित मार्गों से सीमित समय में अनुमति दी जाएगी।
इन सेवाओं पर नहीं रहेगा प्रतिबंध……
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, दूध, गैस सिलेंडर, पेट्रोलियम टैंकर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नगर निगम, बिजली विभाग, दूरसंचार विभाग और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को प्रतिबंध से छूट रहेगी। हालांकि ऐसे वाहन भी कांवड़ मार्ग को केवल अंबेडकर चौक से ही पार कर सकेंगे।
बसों और ई-रिक्शा के लिए विशेष व्यवस्था…….
कांवड़ यात्रा के दौरान रोडवेज बसों के संचालन में भी बदलाव किया गया है। हरिद्वार, देहरादून, दिल्ली और मेरठ की बसें अस्थायी बस स्टैंड से संचालित होंगी, जबकि बाद के चरण में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, गंगोह और नकुड़ जाने वाली बसों का संचालन मानकमऊ बस स्टैंड से किया जाएगा। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए भी अलग रूट निर्धारित किए गए हैं ताकि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय यातायात दोनों को सुगम बनाया जा सके।
सीमावर्ती जिलों के लिए अलग रूट………
मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद, देहरादून, हरिद्वार, यमुनानगर, करनाल, शामली और विकासनगर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भारी वाहनों को अधिकांश मार्गों पर एक्सप्रेस-वे और बाईपास का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी अवश्य लें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें तथा यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्य कांवड़ मार्ग पर केवल अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।