राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय लेकर आया नन्हें कलाकारों के लिए इंद्रधनुषी रंगों से सजा बाल रंग महोत्सव एवं कार्यशालाओं का पिटारा ‘रंग अम्लान 2026’

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नई दिल्ली, : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) एवं दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में ‘रंग अम्लान 2026’ विषय के अंतर्गत बाल रंग महोत्सव एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भाग ले रहे विद्यार्थियों के लिए विशेष नाट्य प्रदर्शनों का शुभारम्भ 04 जुलाई, 2026 को गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, राजघाट में स्थित सत्याग्रह मंडप में हुआ। यह महोत्सव एवं कार्यशाला 30 जून से 10 जुलाई, 2026 तक आयोजित की जा रहा है।इस कार्यशाला के अन्तर्गत 155 बच्चों को पाँच समूहों में विभाजित कर अनुभवी रंगकर्मियों के मार्गदर्शन में रंगमंच का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक समूह में लगभग 30 से 33 प्रतिभागी हैं। व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ बच्चों को देश के प्रतिष्ठित रंग समूहों द्वारा प्रस्तुत उत्कृष्ट बाल नाटकों को देखने का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे नाट्य-कथन, अभिनय, रंग-शिल्प तथा मंचीय प्रस्तुति की विविध विधाओं को गहराई से समझ सकेंगे ।इस अवसर पर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने कहा, “भारत के भावी नागरिकों के निर्माण और एक स्वस्थ समाज की रचना में बाल रंगमंच की महत्त्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने अपने थिएटर-इन-एजुकेशन (टीआईई) कंपनी, संस्कार रंग टोली, बाल नाट्य प्रकोष्ठ तथा अन्य इकाइयों के माध्यम से बाल रंगमंच की गतिविधियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। वर्ष 2026 की ग्रीष्मकालीन अवधि में देश के विभिन्न हिस्सों में, जिनमें ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के वंचित समुदाय भी शामिल हैं, 100 से अधिक बाल रंगमंच कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है।”read more:https://pahaltoday.com/mohsina-kidwai-passes-away-an-era-has-come-to-an-end/उन्होंने कहा कि , “हमारा प्रयास इन कार्यशालाओं को प्रत्येक स्तर पर अधिक से अधिक समावेशी बनाना रहा है। इसी सोच के तहत छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, कश्मीर के पंडित कॉलोनी में प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों के बच्चों, सुधार गृहों में रह रहे बच्चों सहित अनेक वर्गों तक रंगमंच की पहुँच सुनिश्चित की गई है।” इस प्रयास में सहयोग के लिए उन्होंने डीटीटीडीसी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी सहयोग मिलने की आशा व्यक्त की।नाट्य महोत्सव का शुभारम्भ श्रीमती निशा त्रिवेदी द्वारा निर्देशित नाटक ‘शांति की पुकार’ के मंचन से हुआ। 5 से 9 जुलाई तक प्रतिदिन सायं 7:15 बजे नाट्य प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी। महोत्सव के अंतर्गत 5 जुलाई को श्री जयंत राभा निर्देशित ‘प्रेमचंद की लड़कियाँ’, 6 जुलाई को श्री गुलशन वालिया निर्देशित ‘भूतनगरी’, 7 जुलाई को श्री पराग सरमा निर्देशित ‘जाके जाके उड़ी जाई सराई (झुंड के झुंड चिड़ियाँ उड़ जाती हैं)’, 8 जुलाई को श्री विक्रम सिंह निर्देशित ‘रिबिके, ग्रीन बियर्डेड किंग एंड जायंट बीन स्टॉक’ तथा 9 जुलाई को श्री हिम्मत सिंह नेगी निर्देशित ‘मोबाइल-आ? सूर?’ का मंचन किया जाएगा।कार्यशाला का समापन 10 जुलाई, 2026 को सायं 5:30 बजे से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अभिमंच सभागार में होगा, जहाँ कार्यशाला के सभी पाँच समूह अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सामूहिकता तथा रंगमंचीय कौशल का प्रदर्शन करेंगे।राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एवं दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘रंग अम्लान 2026’ का उद्देश्य बच्चों में रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना, उन्हें गुणवत्तापूर्ण रंगमंचीय प्रशिक्षण के साथ उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियों का अनुभव प्रदान करना तथा उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है।

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