लखनऊ, 17 अगस्त। अयोध्या चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के साथ विशेष जांच दल (एसआईटी) की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी ने तैयार कर शासन को सौंपी थी। एसआईटी का गठन गत 13 जून को ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने किया था।लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बनी इस तीन सदस्यीय एसआईटी में आईजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। एसआईटी ने 23 जून को शासन को अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कई कठोर संस्तुतियां की गई थीं।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया। आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।