तहबरपुुुुर। किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि बारिश आ गई पर भदुली-निजामाबाद, लाहीडीह से माहुल सड़क का निर्माण नहीं हुआ। आज हल्की सी बारिश ने लाहीडीह बाजार का बुरा हाल कर दिया। उन्होंने नरौली से भंवरनाथ बाईपास के चौड़ीकरण में हो रही खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इस सड़क का निर्माण हो सकता है तब क्यों नहीं निजामाबाद की जर्जर सड़क का निर्माण हो रहा। राजीव ने कहा कि इन सब सवालों को लेकर भदुली-निजामाबाद, लाहीडीह से माहुल, निजामाबाद-रानी की सराय की हर बाजार-गांव में जन सुनवाई करते हुए सड़क बनवाने के आंदोलन को और तेज करते हुए सड़क बनवाई जाएगी।सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव ने कहा कि पिछली अगस्त में सड़क निर्माण के लिए पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री द्वारा कार्ययोजना मांगी गई। कार्य में देरी को लेकर लोक निर्माण विभाग से मुलाकात हुई जिसपर उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि प्रस्ताव नहीं भेज रहे उसके बाद जनता द्वारा मांग बढ़ने पर फरवरी में मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग को लेकर टेंडर हुआ। और जब वेब साइट पर कैंसिल दिखने लगा तो फिर लोक निर्माण विभाग से मुलाकात की गई तो उन्होंने कहा कि इसके नवीनीकरण का तेरह करोड़ का टेंडर हुआ है। जब पूछा गया कि चौड़ीकरण का क्या हुआ तो कहा गया कि फिलहाल यही है और सरायपोही, त्रिमुहानी समेत इस सड़क पर बारिश से पहले कार्य करने का आश्वासन मिला। भदुली-निजामाबाद, निजामाबाद-रानी की सराय सड़कों के निर्माण के लिए कार्ययोजना भेजे जाने की बात हुई जिसके बाद विभाग ने भदुली-निजामाबाद सड़क निर्माण की कार्ययोजना भी भेजी। read more:https://pahaltoday.com/the-film-bolo-radhe-radhe-has-the-power-to-shake-our-soul-along-with-entertainment-ravi-bhatia/राजीव यादव ने कहा कि निजामाबाद की जर्जर सड़कों को लेकर मई में लोक निर्माण विभाग ने कहा था कि बारिश के पहले सड़कों का निर्माण हो जाएगा और अब प्रशासन कह रहा दो-तीन महीनों में। जनता की मांग पर सरायपोही और त्रिमुहानी गांवों की सड़कों का निर्माण हुआ पर भदुली-निजामाबाद, लाहीडीह, मुंडियार से माहुल, निजामाबाद-रानी की सराय सड़क पर कोई कार्य नहीं हुआ। किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि भदुली-निजामाबाद, मिर्जापुर-लाहीडीह, कौड़िया, मुंडियार से माहुल सड़क के निर्माण को लेकर हो रही देरी गंभीर सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर उसके बाद प्रस्तावित नरौली से भंवरनाथ बाईपास का चौड़ीकरण हो रहा तो इसका क्यों नहीं हो रहा। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को जानने वाले बताते हैं कि स्वीकृति की प्रत्याशा में टेंडर था इस पर बजट ही नहीं जारी हो रहा, वहीं भदुली-निजामाबाद सड़क के संबंध में कहना है कि पहले भी कागजों में हुआ है। जिन सड़कों की कार्ययोजना पिछले साल अगस्त में मांगी गई उसमें मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग का टेंडर होता है और बाद में वेब साइट पर कैंसिल दिखता है और फिर उसके नवीनीकरण का बजट जारी होने की बात कही जाती है लेकिन होता कुछ नहीं। मुख्यमंत्री द्वारा कार्ययोजना मांगे जाने के दस महीनों बाद जब सवाल उठता है तब भदुली-निजामाबाद की कार्ययोजना भेजी जाती है। निजामाबाद की जनता विभागीय और शासन-प्रशासन की उदासीनता और उपेक्षा की शिकार हो रही है।