अवैध खनन कर मिट्टी का भराव, फ्लर्टिंग कार्य, क्लासिंग करने वाले अवैध कब्जा नहीं कर रहे प्रशासन को मीडिया में आकर जवाब देना चाहिए 

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हापुड़।  आमजन  व सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना   स्वर्ग आश्रम रोड पर चौराखी के बराबर में मृतक छोटे बच्चों के {चुवानो } दफनाए जाने वाले तालाब पर भूमाफियाओं ने कब्जा करके खनन माफिया द्वारा भराव कर प्लाटीग शुरू कर दी है मृतक छोटे बच्चे के दफनाए जाने वाले तालाब पर कब्जा करके प्लाटिंग किए जाने का मामला सोशल मीडिया पर मुद्दा बना हुआ है शासन प्रशासन के अधिकारी इस मुद्दे को लेकर मौन बने हुए हैं  अनजान, का कहना है 2027 के हापुड़ विधानसभा 59 सीट पर चुनावी मुद्दा भी बनेगा  हापुड़ में स्वर्ग आश्रम रोड पर स्थित चौराखी के बराबर में 22 बीघा जमीन पर तालाब पर मृतक छोटे बच्चों को दफनाए जाने वाले तालाब पर  भूमिफियाओ द्वारा कब्जा करके तालाब में भराव करवा करके प्लाटिंग शुरू करने की चर्चा खुलेआम चल रही है प्रशासन प्रशासन के अधिकारी मौन बने हुए हैं आमदनी के लोगों को कहना है । मृतक छोटे बच्चों को दफनाए जाने वाले तालाब पर  कब्जा को लेकर शहर की जनता में काफी रोष है। सांसद, विधायक, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, क्षेत्रीय महामंत्री, सभी भाजपा के पदाधिकारियों ने तालाब पर कब्जे को लेकर चुप्पी साध रखी  जिलाधिकारी कविता मीणा के कार्यालय स्थित सभागार में अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट किया गया की सरकार पूर्ण पारदर्शिता से कार्य कर रही है। read more:https://pahaltoday.com/protecting-wildlife-is-our-paramount-duty-sachin-patel/स्वर्ग  आश्रम रोड पर स्थित दर्जनों मोहल्ले में लगभग बीस हजार लोग रहते हैं चौराखी के बराबर वाली इस मृतक छोटे बच्चों को दफनाए जाने वाले तालाब पर  कब्जा कर जिसकी कीमत करीब 400 सौ करोड रुपए बताई जा रही है  जिसमें मृतक बच्चों के शवो को करीब 100 वर्षों से दफनाया जाता रहा है तालाब में लाखों बच्चों के शवो को दफनाया जा चुका है उस तालाब पर भूमाफियाओ के सिंडिकेट ने सत्ताधारी पार्टी के  कई नेताओं का समर्थन लेकर  कब्जा कर लेने का आप लोग लग रहे  तालाबो तो कब्जा मुक्त करने के लिए शासन प्रशासन नहीं मुझे चला रखी है उसके बावजूद भी लोगों पर तालाब पर अवैध कब्जा करने का आरोप लग रहा है।  बताया जा रहा है तालाब तगासराय निवासी अमर सिंह त्यागी के परिवार ने मृतक बच्चों को दफनाने के लिए हिंदू समाज को दान दिया था उस तालाब में सिंघाड़े बोने के लिए नानक मल उर्फ़ नानू मल कश्यप को किराए पर दे दिया था नानू मल कश्यप के कोई पुत्र नहीं था इसलिए उसने अपने नाती लच्छी कश्यप को गोद ले लिया था लच्छी कश्यप भी नानू मल कश्यप के साथ सिंघाड़े बोने का कार्य करता था कुछ समय बाद भू माफिया की नजर 22 बीघा करोड़ों रुपए के तालाब पर  नानू मल कश्यप की मृत्यु के बाद लच्छी कश्यप को लालच देकर अपने  साथ मिल लिया उसको अपने साथ लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री के द्वारा फर्जी कागजों के आधार पर अधिकारियों  से  लच्छी कश्यप की तहसील में साठ गांठ कराकर के भूमाफियाओं ने तालाब का प्रमुख फ्रंट वाले भागो कै बैनामे के रूप में अपने व अपने नाम एवं साथियों के नाम प्रमुख तालाब के हिस्से के बैनामे करा लिये थे करीब उन्होंने 19 बैनामें  अपने में अपने साथियों के नाम करा करके उस पर कब्जा करने के लिए तालाब में भराव करके फ्रंट पर कमरा बना करके भराब शुरू कर दिया था   संबंध में सुनील कुमार अनिल कुमार देवेंद्र हरित पुरुषोत्तम का कहना है शासन प्रशासन के अधिकारियों को जांच कर आम जनता के लोगों को उसकी सच्चाई बतानी चाहिए।

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