गाजीपुर। देवा गांव में रास्ते की बदहाली को लेकर 3 सितंबर 2026 को ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। सौहार्द एवं बंधुत्व मंच के संचालक हिमांशु मौर्य की मौजूदगी में साथी मुजम्मिल अली उर्फ राजू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खराब रास्ते पर सांकेतिक रूप से धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया।ग्रामीणों का कहना है कि मुजम्मिल अली के घर तक जाने वाले रास्ते की स्थिति लंबे समय से खराब है। रास्ते को बनवाने के लिए कई बार आवेदन और जिम्मेदार अधिकारियों से आग्रह किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर जिम्मेदारों का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया।प्रदर्शन के दौरान ग्राम प्रधान से भी बातचीत की गई और रास्ते की समस्या को जल्द दूर कराने की मांग रखी गई। प्रदर्शन में गांव के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि खराब रास्ते के कारण स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। बरसात के समय स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में भी काफी दिक्कत होती है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/
ऐतिहासिक गांव में बुनियादी सुविधा का संकट
देवा गांव का ऐतिहासिक महत्व भी है। यह गांव महापुरुष स्वामी सदानंद जी की जन्मस्थली है और गांव को मनोज सिन्हा जी द्वारा गोद लिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक महत्व वाले गांव में आज भी बुनियादी रास्ते जैसी समस्या का बने रहना गंभीर चिंता का विषय है।सौहार्द एवं बंधुत्व मंच के संचालक हिमांशु मौर्य ने कहा कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नागरिक जीवन से जुड़ी बुनियादी आवश्यकता है। खराब रास्ते के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।उन्होंने कहा कि यह समस्या संविधान में निहित समानता, सामाजिक न्याय और गरिमापूर्ण जीवन के मूल्यों से जुड़ी है। बच्चों की शिक्षा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21A तथा सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन की आवश्यकता अनुच्छेद 21 से संबंधित है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रास्ते का जल्द निर्माण कराने की मांग की है।