छात्रों ने बनाए सिक्योर वेब एप्लीकेशन, मिनी-प्रोजेक्ट का किया प्रदर्शन

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संकाय में चल रही छह दिवसीय कार्यशाला ‘सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट’ के पांचवें दिन छात्रों ने अपने सीखे हुए कौशल का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।आई ईईई स्टूडेंट ब्रांच, इंजीनियरिंग संकाय के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला कुलपति प्रो. आर. के. सिंह की प्रेरणा से 05 से 10 अक्टूबर तक चल रही है। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को साइबर सुरक्षित एप्लीकेशन बनाना सिखाना है।कार्यशाला में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.आर. के. सिंह जी ने छात्रों से सीधे संवाद किया और कार्यशाला में छात्रों ने क्या सीखा और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मार्गदर्शन किया।पांचवें दिन का पूरा सत्र मिनी-प्रोजेक्ट को समर्पित रहा। मुख्य विषय विशेषज्ञ डॉ. अनूप गिरधर के मार्गदर्शन में छात्रों ने चार दिनों में सीखी गई तकनीकों – पायथन, SQL डेटाबेस कनेक्टिविटी, हैश फाइल, स्ट्रीमलिट और फ्लास्क फ्रेमवर्क का उपयोग कर अपने-अपने प्रोजेक्ट विकसित किए।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/छात्रों ने सिक्योर लॉगिन सिस्टम, एन्क्रिप्टेड पासवर्ड मैनेजमेंट सिस्टम, स्टूडेंट डेटा मैनेजमेंट पोर्टल और इंटरैक्टिव डैशबोर्ड जैसे प्रोजेक्ट बनाए। डॉ. गिरधर ने प्रत्येक टीम के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया और उसमें मौजूद सिक्योरिटी लूपहोल्स को सुधारने के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में सिर्फ फंक्शनैलिटी नहीं, बल्कि सिक्योरिटी सबसे महत्वपूर्ण है।संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट ही उन्हें इंडस्ट्री के लिए तैयार करेंगे। संयोजक डॉ. दिव्येंदु कुमार मिश्र ने कहा कि कल अंतिम दिन एआई के साथ साइबर सिक्योरिटी विषय पर सत्र होगा और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।इस अवसर पर प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. नूपुर गोयल, डॉ. कमलेश पाल सहित 90 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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