अंबेडकर महाविद्यालय में स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन

Share

नई दिल्ली,डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ‘हिंदी पखवाड़ा’ के अवसर पर स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मक लेखन कौशल को बढ़ावा देना, उनके स्वतंत्र एवं मौलिक चिंतन को मंच प्रदान करना, भाषाई समझ को गहरा करना तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति उनकी रुचि को निरंतर समृद्ध करना था प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘अपनी सोच अपनी अभिव्यक्ति हिंदी में कविता के माध्यम से’ रखा गया। इस विषय के अंतर्गत महाविद्यालय के विभिन्न अध्ययन पाठ्यक्रमों से आए छात्र-छात्राओं को समकालीन विषयों तथा अपने व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित विचारों को कविता के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी स्व-लिखित कविताओं का पाठ किया और अपनी काव्यात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में विषयगत विविधता और विचारों की स्पष्टता देखने को मिली। विद्यार्थियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, सांस्कृतिक विरासत, देशप्रेम, राजनीतिक परिदृश्य, पर्यावरण संरक्षण तथा व्यक्तिगत संवेदनाओं जैसे अनेक प्रासंगिक विषयों को छुआ काव्य पाठ के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी भाषा-शैली, लय, ताल, भाव-भंगिमा और प्रस्तुतिकरण का प्रदर्शन किया तथा संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान निर्धारित अनुशासनात्मक एवं साहित्यिक मानकों का पालन किया। आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार की अकादमिक गतिविधियों का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों को एक ऐसा निष्पक्ष मंच प्रदान करना है जहाँ वे बिना किसी संकोच के अपनी बात स्पष्टता और निडरता से रख सकें। ऐसे मंचों से विद्यार्थियों के वाक्-कौशल में सुधार होता है, उनके सोचने और समझने की क्षमता का विस्तार होता है तथा उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है। कार्यक्रम में हिंदी विभाग के प्राध्यापक प्रो. बिजेंद्र कुमार, प्रो. शशि रानी, प्रो.चित्रारानी, डॉ.आदर्श मिश्रा, डॉ.अनिल कांबले, डॉ. सुभाष गौतम, और डॉ. प्रवीण झा उपस्थित रहे।read more:https://pahaltoday.com/woman-posing-as-a-bride-flees-after-administering-a-sedative-remains-at-large-even-after-a-month-and-a-half/उन्होंने निर्णायक मंडल एवं मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों के काव्य पाठ, विषय-चयन, स्वर-नियंत्रण, शब्द-चयन और उच्चारण का सूक्ष्म अवलोकन किया तथा निष्पक्ष रूप से उनके प्रयासों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम के सुचारु संचालन, बेहतर समन्वय एवं कुशल व्यवस्थापन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद, संयोजिका प्रो. चित्रा रानी, सह-संयोजक डॉ. रामप्रकाश द्विवेदी और डॉ. आदर्श कुमार मिश्रा की सहभागिता रही। इस अवसर पर प्राध्यापकों ने उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ ऐसी साहित्यिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में नियमित भागीदारी के महत्व पर जानकारी दी और उनका मार्गदर्शन किया। तथा हिंदी विभाग के अन्य शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। दर्शकों की अनुशासित उपस्थिति, सहयोगात्मक रवैये और उत्साहवर्धक माहौल के बीच संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में निर्णायक मंडल द्वारा निर्धारित मानकों, काव्य-गुण, भाषा और प्रस्तुति के अंकों के आधार पर परिणामों की घोषणा की गई। प्रतियोगिता में इरशाद अहमद ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। अभय कश्यप ने द्वितीय और सक्षम पांडे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। परिणामों की औपचारिक घोषणा के बाद सभी विजेताओं और प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया। अंत में आयोजक मंडल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों, निर्णायकों और सहभागी विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *