बाराबंकी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। भले ही नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रामनगर, सूरतगंज और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। तटवर्ती गांवों में पिछले वर्ष की बाढ़ की यादें ताजा होने से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ी हुई है। रामनगर तहसील प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सूरतगंज ब्लॉक के हेतमापुर स्थित बतनेरा ग्राम पंचायत में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र को सक्रिय कर दिया है। यहां सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए पीएसी के 13 जवान तैनात किए गए हैं। राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की टीमें लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं, जबकि बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उधर, विकास खंड रामनगर क्षेत्र के कोरिनपुरवा गांव में सरयू के कटान से बचाव के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराए गए पर्काेपाइन और पिचिंग कार्य पर भी बढ़ते जलस्तर का असर दिखने लगा है।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/ नदी का पानी बढ़ने से सीमेंट के खंभे डूबने लगे हैं और बालू से भरी कई बोरियां फट गई हैं। इससे ग्रामीणों में कटान की आशंका के साथ बचाव कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे सरयू नदी का जलस्तर 104.90 मीटर पर स्थिर था और विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में रामसनेहीघाट तहसील में भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसडीएम अनुराग सिंह ने बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर अधिकारियों को हर समय मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में राजस्व, ग्राम विकास सहित संबंधित विभागों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव के सभी संसाधन तैयार हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन 24 घंटे निगरानी बनाए हुए है।