सोनभद्र। भारी बारिश के बाद दुद्धीचुआ परियोजना के समीपवर्ती रिहायशी इलाके में अचानक पानी भरने से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन और एनसीएल की टीमें युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटी हैं। प्रभावित करीब 120 परिवारों को दो समय पका भोजन और फूड पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं जलनिकासी के साथ जेसीबी मशीनों से रास्तों और आवासीय परिसरों में जमा मिट्टी, मलबा व कीचड़ हटाने का काम जारी है।जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशन में प्रशासन ने स्थिति की जानकारी मिलते ही राहत कार्य शुरू कराया। बारिश के कारण कई रास्तों और आवासीय परिसरों में पानी के साथ बड़ी मात्रा में मलबा व कीचड़ जमा हो गया था। प्रशासन और एनसीएल की संयुक्त टीमें जलनिकासी के साथ प्रभावित क्षेत्रों की सफाई में जुटी हैं, ताकि लोगों की आवाजाही और सामान्य गतिविधियां जल्द बहाल हो सकें। प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के लिए राहत शिविर स्थापित किया गया है। यहां भंडारे के माध्यम से भोजन और आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन एवं एनसीएल की टीमें मौके पर रहकर राहत सामग्री के वितरण और प्रभावित परिवारों की जरूरतों की निगरानी कर रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/घटना के बाद एसडीएम मोहम्मद जफर, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह और राजस्व टीम ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और बारिश व पानी से हुई क्षति का आकलन किया। राजस्व टीम की रिपोर्ट के आधार पर पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक राहत और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने भोजन, खाद्य सामग्री, जलनिकासी, सफाई और मलबा हटाने के कार्यों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय से राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन और एनसीएल की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं सहायता कार्य जारी रहेंगे।