बहराइच ( पयागपुर )। लखनऊ बार एसोसिएशन में अधिवक्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज, चैंबरों में तोड़फोड़, मारपीट तथा धार्मिक पुस्तक फाड़े जाने के आरोपों को लेकर पयागपुर तहसील के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।read more:https://pahaltoday.com/saharanpur-footwear-premier-league-2026-gets-off-to-a-colourful-start/#google_vignetteप्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने लखनऊ की घटना को न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, उनके चैंबर तोड़े गए और मारपीट की गई। धार्मिक पुस्तक फाड़े जाने की घटना से अधिवक्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे पूरे अधिवक्ता समाज में रोष व्याप्त है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिवराम शुक्ला ने पुलिस की कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिसकर्मियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं महामंत्री पीयूष कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि अधिवक्ता समाज अपने सम्मान और न्याय की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने बस स्टैंड चौराहा से तहसील परिसर तक जागरूकता रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार मौर्य, रामप्रसाद विश्वकर्मा, मनीष कुमार मिश्रा, पवन कुमार मिश्रा, विजय कुमार तिवारी, जुगल किशोर सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, पारसनाथ तिवारी, इंद्र प्रताप सिंह, सत्य प्रकाश द्विवेदी, विनोद कुमार शुक्ला, विनोद कुमार मिश्रा, अरविंद मिश्रा, सरोज शुक्ला, पवन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।